Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

2025 बना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे हिंसक साल, 35 देश युद्ध की आग में; अमेरिका-ईरान जंग पर अरबों खर्च

Global Conflict Surge: ओस्लो की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 दुनिया का सबसे घातक साल रहा। 35 देश युद्ध में शामिल हैं और अमेरिका-ईरान जंग पर रोजाना 18,000 करोड़ रुपये तक खर्च हो रहे हैं।

  • Written By: अमन उपाध्याय
Updated On: Jun 11, 2026 | 11:46 AM

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 2025 बना सबसे हिंसक साल, सांकेतिक फोटो- AI

Follow Us
Follow Us:

Global Conflict Surge Most Violent Year: दुनिया के लिए पिछला साल यानी 2025 सुरक्षा के लिहाज से बेहद भयावह रहा है। एक ताजा अध्ययन के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 2025 अब तक का सबसे हिंसक साल साबित हुआ है।

पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो द्वारा जारी ‘कॉन्फ्लिक्ट ट्रेंड्स’ रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल दुनिया भर में रिकॉर्ड 65 छोटे और बड़े युद्ध लड़े गए। यह शीत युद्ध की समाप्ति के बाद का तीसरा सबसे घातक साल रहा, जिसने वैश्विक शांति और स्थिरता को हिलाकर रख दिया है।

नागरिक ठिकानों पर हमले का खौफनाक मंजर

रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि 2025 में युद्ध से जुड़ी मौतों की संख्या लगभग 2.45 लाख तक पहुंच गई। इस भारी तबाही के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े संघर्ष रहे यूक्रेन में रूस का युद्ध, सूडान में जारी हिंसा और गाजा पर इजरायल का बमबारी अभियान। चिंता की बात यह है कि इस हिंसा में नागरिकों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया, जिससे लगभग 76,500 मासूमों की जान चली गई।

सम्बंधित ख़बरें

ट्रंप का बड़ा खुलासा: पाकिस्तान की गुजारिश पर ईरान को दी मोहलत, हॉर्मुज से निकाला 10 करोड़ बैरल तेल

Botox Fraud Scandal: बोटॉक्स फ्रॉड स्कैंडल में कैलिफोर्निया की डॉक्टर 380 करोड़ की ठगी में दोषी करार

अमेरिका में सिर्फ ‘सही लोगों’ को ही मिलेगी एंट्री! FIFA World Cup Visa विवाद पर डोनाल्ड ट्रंप सख्त

ईरान-US टकराव चरम पर; कुवैत-बहरीन में ड्रोन अटैक के बाद कुवैत ने बंद किया एयरस्पेस, कई फ्लाइट्स डायवर्ट

80 साल का टूटा रिकॉर्ड

अध्ययन में पाया गया है कि दो या दो से अधिक देशों के बीच होने वाले सीधे संघर्षों की संख्या ने पिछले 80 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साल 2024 के मुकाबले 2025 में ऐसे संघर्षों की संख्या दोगुनी हो गई। इनमें भारत-पाकिस्तान के बीच झड़पें, अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा विवाद, कंबोडिया-थाईलैंड संघर्ष और यूक्रेन-रूस जंग प्रमुख उदाहरण हैं। वर्तमान में दुनिया के करीब 35 देश किसी न किसी युद्ध में सीधे तौर पर शामिल हैं।

WWII के बाद सबसे हिंसक साल, फोटो- AI

आर्थिक और पर्यावरणीय तबाही का बोझ

युद्ध का असर सिर्फ इंसानी जानों तक सीमित नहीं रहा। गाजा पट्टी में सैन्य गतिविधियों के कारण 97 फीसदी पेड़-पौधे और 82 फीसदी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। वहां 6.1 करोड़ टन मलबा जमा हो चुका है, जिसने हवा और मिट्टी को जहरीला बना दिया है। व्यापारिक मोर्चे पर, लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई का भाड़ा तीन गुना तक बढ़ गया है।

अमेरिका और यूक्रेन की स्थिति

आधुनिक युद्ध अब आर्थिक रूप से और भी अधिक बोझिल हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध में अमेरिका का प्रतिदिन का खर्च लगभग 89 करोड़ डॉलर (करीब 8,455 करोड़ रुपये) से लेकर 2 अरब डॉलर (लगभग 18,000 करोड़ रुपये) के बीच आ रहा है। यह भारी भरकम राशि गोला-बारूद, नौसैनिक तैनाती और खुफिया ऑपरेशंस पर खर्च हो रही है। वहीं, यूक्रेन रूस के साथ युद्ध में हर दिन लगभग 172 मिलियन डॉलर खर्च कर रहा है।

Global conflict surge 2025 record violence war costs hindi news

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 11, 2026 | 11:46 AM

Topics:  

  • International News
  • World News
  • World War II

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.