सऊदी में अब ऊंटों को भी मिलेगा पासपोर्ट, फोटो (सो. एआई)
Saudi Arabia News In Hindi: आपने केवल अब तक इंसानों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा या पहचान के लिए पासपोर्ट का इस्तेमाल करते देखा होगा, लेकिन अब जानवरों की दुनिया में भी यह पहचान पत्र अनिवार्य होने जा रहा है। सऊदी अरब ने एक ऐतिहासिक और अनूठा कदम उठाते हुए ऊंटों के लिए आधिकारिक पासपोर्ट जारी करने की योजना शुरू की है।
यह कदम सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय द्वारा उठाया गया है जिसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक इन जानवरों का आधुनिक प्रबंधन करना है।
मंत्रालय के अनुसार, ऊंटों को पासपोर्ट जारी करने से उनकी आबादी का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा। इससे एक विश्वसनीय राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार होगा, जिससे ऊंट पालन के क्षेत्र में उत्पादकता और दक्षता में सुधार होगा। अधिकारियों का मानना है कि यह दस्तावेज ऊंटों के व्यापार और परिवहन को नियंत्रित करने के साथ-साथ उनके मालिकों के अधिकारों की रक्षा करने और स्वामित्व साबित करने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल बना देगा। सरकारी अनुमान के मुताबिक, 2024 तक सऊदी अरब में लगभग 22 लाख ऊंट हैं।
मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह पासपोर्ट हरे रंग का होगा जिस पर सऊदी अरब का राष्ट्रीय प्रतीक और ऊंट का एक सुनहरा चित्र बना होगा। यह एक ऐसा पहचान होगा जिसमें ऊंट के बारे में पूरी जानकारी होगी। इसमें माइक्रोचिप नंबर, पासपोर्ट नंबर, ऊंट का नाम, जन्म तिथि, नस्ल, लिंग, रंग और जन्म स्थान जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होंगी। इसके अलावा, सटीक पहचान के लिए जानवर की दोनों तरफ से ली गई तस्वीरें भी इसमें लगाई जाएंगी।
معالي نائب الوزير يدشّن جواز سفر الإبل، بهدف رفع كفاءة الإنتاجية في القطاع، وبناء قاعدة مرجعية للإبل. pic.twitter.com/iC1Qeq1bUs — وزارة البيئة والمياه والزراعة (@MEWA_KSA) February 3, 2026
पासपोर्ट की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसमें एक विशेष टीकाकरण तालिका शामिल की गई है। इसमें पशु चिकित्सक के नाम, हस्ताक्षर और मुहर के साथ प्रमाणित टीकाकरण रिकॉर्ड दर्ज किए जाएंगे। यह न केवल ऊंटों के स्वास्थ्य की निगरानी में मदद करेगा बल्कि पशुपालन उद्योग को और अधिक व्यवस्थित बनाएगा। सऊदी अरब में वर्तमान में लगभग 80,000 ऊंट पालक हैं, जिनके लिए यह व्यवस्था बहुत ही लाभकारी सिद्ध होगी।
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अरब प्रायद्वीप में ऊंट सदियों से जीवन का केंद्र रहे हैं। इन्हें परिवहन के साधन से लेकर धन और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। सऊदी अरब में ऊंटों का इतिहास लगभग 7,000 साल पुराना है जिसकी पुष्टि वहां मिली प्राचीन नक्काशियों से होती है। आज के समय में ऊंट एक फलते-फूलते प्रजनन उद्योग के केंद्र हैं जहां वार्षिक उत्सवों में बेहतरीन ऊंट लाखों डॉलर में बिकते हैं। यह पहल न केवल आधुनिक प्रबंधन को मजबूत करेगी बल्कि ऊंटों से जुड़ी इस प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करेगी।