फिर आमने-सामने होंगे अमेरिका-ईरान! US मीडिया का बड़ा दावा, क्या इन शर्तों पर खत्म होगी जंग?
US Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम के लिए अगले हफ्ते पाकिस्तान में वार्ता हो सकती है। 14 बिंदुओं वाले समझौते पर चर्चा के साथ शांति की नई उम्मीद जगी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
कॉन्सेप्ट फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Iran Peace Talks Pakistan Mediation: अमेरिका और ईरान के बीच जारी दशकों पुराने तनाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि दोनों देश स्थायी युद्धविराम के लिए अगले हफ्ते की शुरुआत में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठ सकते हैं। इस खबर के बाद वैश्विक स्तर पर शांति की नई उम्मीदें जग गई हैं क्योंकि यह वार्ता पश्चिम एशिया में स्थिरता लाने के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
14 बिंदुओं पर बनेगा शांति का खाका
प्रसिद्ध अमेरिकी समाचार पत्र ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने इस मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि अगले हफ्ते इस्लामाबाद में फिर से वार्ता शुरू कर सकते हैं। इस बैठक का मुख्य केंद्र एक पन्ने का 14-बिंदुओं वाला मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) होगा।
इस एमओयू का उद्देश्य दोनों देशों के बीच युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में एक महीने तक चलने वाली गहन बातचीत के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करना है। मध्यस्थों के साथ मिलकर दोनों पक्ष वर्तमान में इस दस्तावेज को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।
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प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस का खतरा
व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें आज रात तक ईरान की ओर से अमेरिकी प्रस्ताव पर एक औपचारिक जवाब मिलने की उम्मीद है। ट्रंप ने संकेत दिया कि वे शांति के पक्षधर हैं लेकिन उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी भी जारी की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बातचीत में कोई बड़ी रुकावट आती है या तेहरान प्रक्रिया को धीमा करता है तो वॉशिंगटन दूसरा रास्ता अपना सकता है। ट्रंप ने इसे ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस’ का नाम दिया है। जिसमें पिछले रुख के मुकाबले कई और सख्त कदम शामिल होंगे।
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान इन दो महाशक्तियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इससे पहले भी इस्लामाबाद की मेजबानी में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के दो दौर हो चुके हैं। पहले दौर की वार्ता के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस खुद एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान पहुंचे थे।
हालांकि, वे दोनों ही बैठकें किसी स्थायी समझौते पर पहुंचने में विफल रही थीं। पिछले प्रयासों की एकमात्र बड़ी उपलब्धि यह रही थी कि दोनों देशों के बीच दो हफ्तों के लिए सीमित युद्धविराम लागू करने पर सहमति बनी थी।
युद्धविराम की दिशा में प्रयास
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान यूक्रेन में जारी युद्ध का भी विशेष रूप से जिक्र किया और इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे गंभीर वैश्विक घटनाओं में से एक करार दिया। उन्होंने संकेत दिया कि वह न केवल ईरान के साथ, बल्कि यूक्रेन में भी मौजूदा सीमित सीजफायर को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते हैं और इसका स्वागत करेंगे।
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जब उनसे पूछा गया कि क्या लड़ाई में यह विराम तीन दिनों से अधिक समय तक रह सकता है तो उन्होंने उत्तर देते हुए कहा कि ऐसा होना दुनिया के लिए अच्छा होगा। फिलहाल, पूरी दुनिया ईरान के आधिकारिक जवाब और इस्लामाबाद में होने वाली आगामी बैठक के नतीजों का इंतजार कर रही है।
