रूस यूक्रेन शांति वार्ता, फोटो (सो. एपी )
Russia Ukraine Peace Talks Geneva: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे खूनी संघर्ष को चार साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बहाली की एक और बड़ी कोशिश शुरू हुई है। सोमवार को यूक्रेन का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के जिनेवा के लिए रवाना हुआ जहां अमेरिकी मध्यस्थता में रूसी अधिकारियों के साथ शांति वार्ता का नया दौर शुरू होने जा रहा है। यह बैठक मंगलवार और बुधवार को आयोजित की जाएगी।
भले ही अमेरिका ने इस विवाद को सुलझाने के लिए जून 2026 तक की समयसीमा तय की है लेकिन इस वार्ता से बहुत बड़े बदलाव की उम्मीदें फिलहाल कम ही नजर आ रही हैं। स्रोतों के अनुसार, दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं। रूस उन क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण चाहता है जिन पर उसने कब्जा किया है जबकि यूक्रेन अपनी संप्रभुता और जमीन की वापसी के लिए संघर्ष कर रहा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने स्पष्ट किया कि जिनेवा की वार्ता में उन क्षेत्रों और मांगों पर चर्चा होगी जो रूस ने पहले ही सामने रखी हैं।
शांति वार्ता की मेजों से दूर, युद्ध के मैदान में स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। यूक्रेन के सशस्त्र बल रूस की विशाल सेना के साथ 1,250 किलोमीटर लंबी फ्रंट लाइन पर ‘थकान वाले युद्ध’ में उलझे हुए हैं। हाल के दिनों में ड्रोन हमलों में जबरदस्त तेजी आई है। रूस के ब्रियांस्क क्षेत्र के गवर्नर ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने यूक्रेन के 229 ड्रोन मार गिराए हैं जो एक दिन में अब तक का सबसे बड़ा हमला है। दूसरी ओर, रूस ने भी यूक्रेन पर रात भर में 62 लंबी दूरी के ड्रोन और 6 मिसाइलों से हमला किया जिससे आम नागरिक और बुनियादी ढांचा प्रभावित हो रहा है।
यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तम उमेरोव कर रहे हैं। वहीं, रूस की ओर से राष्ट्रपति पुतिन के सलाहकार व्लादिमीर मेडिंस्की नेतृत्व करेंगे जिन्होंने 2022 में भी शांति वार्ता का हिस्सा रहे थे। इस डेलिगेशन में रूसी सैन्य खुफिया प्रमुख इगोर कोस्त्युकोव और उप विदेश मंत्री मिखाइल गालुजिन भी शामिल हैं।
इसके साथ ही, रूस और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होने की उम्मीद है क्योंकि दोनों देश भविष्य के व्यापारिक अवसरों की तलाश में हैं।
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यह पूरी शांति प्रक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की कोशिशों का हिस्सा है। हालांकि पिछले एक साल के प्रयासों के बावजूद युद्ध नहीं रुका है लेकिन वाशिंगटन इस बार समझौते के लिए दबाव बना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लगता है कि समय उनके पक्ष में है और अंततः यूक्रेन का प्रतिरोध कमजोर पड़ जाएगा।