डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
US Presidential Pardons News In Hindi: संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ‘क्षमादान’ की संवैधानिक शक्ति का उपयोग करने का एक ऐसा तरीका अपनाया है जिसने पूरे देश में विवाद खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपति को किसी भी अपराधी की सजा कम करने या उसे पूरी तरह रद्द करने का अधिकार संविधान द्वारा प्राप्त है लेकिन ट्रंप प्रशासन पर आरोप लग रहे हैं कि अब यह शक्ति केवल अमीर और प्रभावशाली लोगों तक सीमित रह गई है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रपति बनने के पहले एक साल के भीतर ही डोनाल्ड ट्रंप ने विभिन्न हस्तियों और अपराधियों के लिए 1,840 से अधिक क्षमादान जारी किए हैं। इसका औसत निकाला जाए तो ट्रंप हर दिन लगभग 6 अपराधियों को माफ कर रहे हैं। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार है जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अपराधियों को माफी दी गई है। रिपोर्ट बताती है कि इन क्षमादानों के पीछे ‘पैसा’ और ‘राजनीतिक वफादारी’ मुख्य कारक हैं।
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन मुख्य रूप से उन्हीं अपराधियों को क्षमादान दे रहा है जो भारी रकम खर्च करने की कुव्वत रखते हैं। उदाहरण के लिए, जनवरी 2026 में ट्रंप ने एक भ्रष्ट बैंकर को क्षमादान दिया जिसके बदले में उस बैंकर की बेटी ने ट्रंप समर्थक ‘सुपर पीएसी’ को लाखों डॉलर का भारी दान दिया।
इसी तरह, अक्टूबर 2025 में दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज बाइनेंस के संस्थापक चांगपेंग झाओ को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से माफी दे दी गई। बताया जाता है कि इस माफी से पहले झाओ ने ट्रंप परिवार की कंपनी के ‘स्टेबलकॉइन’ को प्रमोट किया था।
ट्रंप के क्षमादान पाने वालों की सूची में क्रिप्टोकरेंसी के अरबपति, बदनाम राजनेता, रियलिटी टीवी स्टार और उनके कट्टर ‘मागा’ समर्थक शामिल हैं। आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पिछले एक साल में ट्रंप ने एक भी ‘आम अपराधी’ के लिए क्षमादान जारी नहीं किया है।
इसके अलावा, कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन की पूर्व गर्लफ्रेंड ग्लेन मेक्सेवेल ने भी ट्रंप से अपनी पुरानी दोस्ती के आधार पर माफी की गुहार लगाई है और माना जा रहा है कि उन्हें जल्द ही राहत मिल सकती है।
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इस प्रक्रिया को युद्धस्तर पर चलाने के लिए राष्ट्रपति ने एक विशेष टीम का गठन किया है, जो सीधे उनके ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ के अधीन काम करती है। इसी टीम द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर ट्रंप क्षमादान के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। गौरतलब है कि सत्ता में आने से पहले ट्रंप ने जो बिडेन द्वारा अपने परिवार के सदस्यों को दिए गए क्षमादान की कड़ी आलोचना की थी लेकिन अब वे स्वयं इसी शक्ति के विवादास्पद उपयोग को लेकर निशाने पर हैं।