ईरान और यूक्रेन के बीच फंसा रूस! क्या पुतिन ने अमेरिका को दिया था कोई गुप्त ऑफर? जानें क्या है सच्चाई
Russia Ukraine War: रूस ने अमेरिकी मीडिया के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि मॉस्को ने अमेरिका को यूक्रेन के बदले ईरान की खुफिया जानकारी न देने का प्रस्ताव दिया था।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Russia Denies Iran Ukraine Intel Deal: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे तनाव के बीच अब एक नई ‘खुफिया डील’ को लेकर वैश्विक राजनीति गरमा गई है। रूस ने उन मीडिया रिपोर्टों का कड़ा खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि मॉस्को ने अमेरिका के सामने एक गुप्त समझौता पेश किया था।
इस कथित समझौते के तहत, रूस ने प्रस्ताव दिया था कि यदि अमेरिका यूक्रेन को खुफिया जानकारी देना बंद कर देता है तो रूस भी ईरान के साथ संवेदनशील डेटा साझा करना बंद कर देगा। क्रेमलिन ने इन खबरों को पूरी तरह से फर्जी और निराधार करार दिया है।
पॉलिटिको की रिपोर्ट और ‘मियामी’ की गुप्त बैठक
अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘पॉलिटिको’ की एक हालिया रिपोर्ट ने इस विवाद को जन्म दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत, किरिल दिमित्रीव ने पिछले हफ्ते मियामी में ट्रंप प्रशासन के करीबियों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ मुलाकात की थी। इसी बैठक के दौरान कथित तौर पर खुफिया जानकारी साझा न करने का यह प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रूस के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
बगराम धमाके से दहल उठा अफगानिस्तान, बिना फटे बमों ने ली युवक जान; अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बच्चे
समझौता करो या फिर भीषण बमबारी को रहो तैयार, प्रोजेक्ट फ्रीडम पर लगी रोक के बाद, ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी
अब्बास अराघची पहुंचे बीजिंग, ट्रंप-जिनपिंग के मुलाकात से पहले चीन-ईरान की हुई मीटिंग, आखिर क्या चल रहा?
बधाई तो ठीक है, लेकिन तेल संकट और विश्व शांति पर काम करें ट्रंप, आनंद दुबे का माेदी व ट्रंप पर तंज
रूस का पलटवार
इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए रूसी दूत किरिल दिमित्रीव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए इस रिपोर्ट को ‘फेक’ बताया है। रूस का कहना है कि इस तरह की खबरें केवल तनाव बढ़ाने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं। वहीं, रिपब्लिकन सांसद अन्ना पॉलिना लूना ने भी ‘पॉलिटिको’ की कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने इसे यूक्रेन में ‘युद्ध समर्थक मशीन’ का मुखपत्र बताते हुए कहा कि इन खबरों का उद्देश्य रूस-अमेरिका के बीच तनाव को भड़काना है। उनके अनुसार, शांति वार्ताओं या आंतरिक चर्चाओं से जुड़ी ऐसी किसी भी जानकारी तक मीडिया की पहुंच नहीं है और जनता को इन्हें नजरअंदाज करना चाहिए।
ईरान-रूस संबंधों का बढ़ता प्रभाव
यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से ही ईरान, रूस के सबसे प्रमुख सहयोगियों में से एक बनकर उभरा है। रिपोर्टों के अनुसार, संघर्ष के शुरुआती चरणों में ईरान ने मॉस्को को आत्मघाती ड्रोन की आपूर्ति की थी, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी शहरों पर हमले के लिए किया गया।
यह भी पढ़ें:- फैक्ट्री में था 200 किलो सोडियम और लग गई भीषण आग, दक्षिण कोरिया में 10 मजदूर जिंदा जले, देखें भयावह VIDEO
इतना ही नहीं, ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ ने इस महीने की शुरुआत में दावा किया था कि रूस ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों की सटीक लोकेशन जैसी संवेदनशील जानकारी ईरान के साथ साझा की है। हालांकि, रूस ने इन सभी रिपोर्टों का भी खंडन किया है। रूस का कहना है कि उसने युद्ध शुरू होने के बाद से केवल मानवीय सहायता भेजी है लेकिन सैन्य सहयोग के दावों पर वह चुप्पी साधे हुए है।
