

Russia S-300 downs F-16 Ukraine 2026: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा भीषण युद्ध जनवरी 2026 की कड़ाके की ठंड में एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनके अत्याधुनिक S-300 एयर डिफेंस सिस्टम ने यूक्रेन की वायुसेना के गर्व माने जाने वाले अमेरिकी F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है।
रूसी मीडिया के अनुसार, बैलिस्टिक मिसाइलों के ताबड़तोड़ हमलों के दौरान इस महंगे और आधुनिक विमान को मलबे में तब्दील कर दिया गया। हालांकि, यूक्रेन ने इस दावे को रूसी दुष्प्रचार करार देते हुए खारिज कर दिया है, लेकिन इस खबर ने वैश्विक सैन्य हलकों में खलबली मचा दी है।
रूसी सैन्य सूत्रों के अनुसार, कॉलसाइन ‘सेवर’ वाले कमांडर के नेतृत्व में S-300 मिसाइल सिस्टम ने यूक्रेनी हवाई सीमा में घुसते ही F-16 को ट्रैक किया। पहली मिसाइल ने विमान के पंख को नुकसान पहुंचाया, जबकि दूसरी मिसाइल ने उसे हवा में ही पूरी तरह नष्ट कर दिया। रूस इस सफलता के जरिए पश्चिमी देशों को यह संदेश देना चाहता है कि उनकी तकनीक रूसी डिफेंस के सामने बेअसर है।
यूक्रेन की वायुसेना और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इन खबरों को सिरे से नकारते हुए कहा है कि उनके सभी F-16 पायलट सुरक्षित और सक्रिय हैं। यूक्रेन का दावा है कि ये विमान रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने में अब भी सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। उनके अनुसार, रूस केवल मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए ऐसे झूठे दावे कर रहा है ताकि यूक्रेन के मनोबल को तोड़ा जा सके।
F-16 फाइटिंग फाल्कन को लॉकहीड मार्टिन ने विकसित किया है और यह अपनी फुर्ती और सटीक मारक क्षमता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह विमान मैक 2 से अधिक की गति से उड़ सकता है और इसमें आधुनिक रडार के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम भी लगे होते हैं। अगस्त 2024 में इसके यूक्रेन पहुंचने के बाद से इसे रूसी हमलों के खिलाफ सबसे बड़ा सुरक्षा कवच माना जा रहा था।
युद्ध के मैदान में एक भी F-16 का गिरना यूक्रेन के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है क्योंकि उनके पास इन विमानों की संख्या बेहद सीमित है। अगर रूसी दावा सच साबित होता है, तो यह अमेरिकी सैन्य साख के लिए भी चिंता का विषय बनेगा, जो इन जेट्स को 'अजेय' मानते आए हैं। स्वतंत्र स्रोतों से इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सूचना युद्ध चरम पर है।
रूसी सेना ने भारी बर्फबारी और गिरते तापमान का फायदा उठाते हुए यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर 20 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। अमेरिका इस समय ईरान और ग्रीनलैंड के विवादों में उलझा हुआ है, जिसका लाभ उठाकर पुतिन ने यूक्रेन पर दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यूक्रेन इस हवाई हमले और विमान गिराए जाने के दावे का मुकाबला कैसे करता है।