US ने जिस रूसी टैंकर पर किया कब्जा, उसमें सवार 3 भारतीय, भड़का रूस, बोला- कुछ भी हुआ तो...

US Russia Oil Tanker News: रूसी तेल टैंकर मैरीनेरा को अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने जब्त किया। तीन भारतीय नागरिक सहित 28 क्रू मेंबर हिरासत में हैं। रूस ने कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय उल्लंघन बताया।
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रूसी टैंकर पर अमेरिका के कब्जे से तनाव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Russia Oil Tanker Indian Crew: वेनेजुएला के तट के पास एक रूसी तेल टैंकर मैरीनेरा को अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने जब्त कर लिया है, जिससे जहाज पर सवार तीन भारतीय नागरिकों समेत चालक दल के अन्य सदस्यों की जान खतरे में होने की चिंता जताई गई है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए अमेरिका से रूसी क्रू के जीवन और सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें रिहा करने की मांग की है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह जब्ती 7 जनवरी सुबह उत्तरी अटलांटिक महासागर के अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में की गई। अमेरिका का आरोप है कि यह टैंकर वेनेजुएला से प्रतिबंधित तेल लेकर जा रहा था। अमेरिकी कोर्ट ने तेल टैंकर की जब्ती का आदेश जारी किया था। रूस ने इस आरोप को खारिज करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और कहा है कि जहाज पूरी तरह से शांतिपूर्वक एक रूसी बंदरगाह की ओर जा रहा था।

अमेरिका ने 28 क्रू मेंबर को किया गिरफ्तार

कुल 28 क्रू मेंबर इस जहाज पर सवार थे। इसमें यूक्रेन के 20, जॉर्जिया के 6, रूस के 2 और तीन भारतीय नागरिक शामिल हैं। सभी क्रू मेंबर को हिरासत में ले लिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि वह जहाज पर सवार क्रू के खिलाफ आपराधिक केस चलाएगा। जहाज पहले “बेला 1” के नाम से संचालित हो रहा था, लेकिन 24 दिसंबर को रूस से विशेष अनुमति मिलने के बाद इसका नाम बदलकर मैरीनेरा कर दिया गया और रूसी झंडा लगाया गया। अमेरिका का आरोप है कि जहाज ने जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को तोड़ने के लिए रूसी झंडा लगाया था। रूस ने कहा कि यह आरोप आधारहीन हैं। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, टैंकर को 24 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय और रूसी कानून के अनुसार अस्थायी रूप से रूसी झंडा फहराने की अनुमति दी गई थी। जब यह टैंकर जब्त किया गया, उस समय यह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में सुरक्षित रूप से गुजर रहा था और किसी भी सैन्य गतिविधि में शामिल नहीं था। मंत्रालय ने कहा कि उसने आधिकारिक तौर पर अमेरिकी अधिकारियों को जहाज के रूसी पंजीकरण और इसकी गैर-सैन्य स्थिति की जानकारी दी थी।

रूस ने लगाया अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप

रूस ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किसी जहाज को रोकने या उसकी जांच करने की अनुमति केवल कुछ खास परिस्थितियों में होती है, जैसे समुद्री डकैती या दास व्यापार के संदेह पर। मैरीनेरा पर ये स्थितियां लागू नहीं होतीं। अन्य मामलों में, जहाज के झंडे वाले देश की सहमति अनिवार्य होती है, जिसे रूस ने देने से इनकार कर दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा जहाज का पीछा करना भी औपचारिक विरोध दर्ज कराने योग्य था।

रूस ने चेतावनी दी है कि इस घटना से यूरो-अटलांटिक क्षेत्र में सैन्य-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है और नागरिक जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग की सीमा खतरनाक रूप से कम हो सकती है। रूसी विदेश मंत्रालय ने विशेष रूप से कहा कि मैरीनेरा की जब्ती ने चालक दल के जीवन और स्वास्थ्य को गंभीर खतरे में डाल दिया है, जिसमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय है। 

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