SCO में भारत की हुंकार: राजनाथ सिंह बोले- ‘युद्ध नहीं, संवाद है समाधान’, आतंकवाद पर दुनिया को दिया कड़ा संदेश
Rajnath Singh SCO Meeting: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SCO बैठक में आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' और 'न्यू वर्ल्ड ऑर्डर' पर भारत का रुख साझा किया, जिसमें उन्होंने संवाद और कूटनीति पर जोर दिया।
- Written By: अमन उपाध्याय
SCO की बैठक में राजनाथ सिंह, फोटो (सो. PIB)
Rajnath Singh SCO Meeting Terrorism Statement: दुनिया में बढ़ते संघर्षों और अस्थिरता के बीच भारत ने एक बार फिर शांति और सुरक्षा का पुरजोर संदेश दिया है। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की महत्वपूर्ण बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा प्रहार किया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा खंडित वैश्विक माहौल में ‘युद्ध’ किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता, बल्कि केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही शांति स्थापित की जा सकती है।
वैश्विक सुरक्षा में SCO की बढ़ती भूमिका
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया में एकतरफावाद और संघर्ष तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे वैश्विक सहमति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हुए युद्धों और संघर्षों ने न केवल भारी जान-माल का नुकसान किया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित किया है।
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ऐसे समय में एससीओ क्षेत्र की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि यह क्षेत्र दुनिया की प्राचीनतम सभ्यताओं और साझा सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रहा है।
आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’
भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इसे मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ का उल्लेख करते हुए भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को स्पष्ट किया। उन्होंने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पूरी मानवता को झकझोर देती हैं और यह साबित करती हैं कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि आतंकवाद का न तो कोई धर्म होता है और न ही कोई देश। उन्होंने विशेष रूप से ‘स्टेट-स्पॉन्सर्ड’ और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की अपील की। उन्होंने वैश्विक समुदाय को आगाह किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंड के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
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‘न्यू वर्ल्ड ऑर्डर’ के बजाय ‘अधिक व्यवस्थित दुनिया’
रक्षा मंत्री ने वैश्विक मंच पर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज की आवश्यकता केवल एक ‘न्यू वर्ल्ड ऑर्डर’ बनाने की नहीं है, बल्कि एक ‘ज्यादा व्यवस्थित दुनिया’ बनाने की है। इसके लिए उन्होंने क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (RATS) की भूमिका को अहम बताया जो कट्टरपंथ और अलगाववाद से निपटने में मदद कर सकती है।
