Mock Drill: पंजाब-राजस्थान में हाई-अलर्ट! कलेक्ट्रेट में 5 बम धमाके और ब्लैकआउट, प्रशासन ने ऐसे किया मुकाबला

Mock Drill: ऑपरेशन सिंदूर के बाद अजमेर और पंजाब में 'ब्लैकआउट' मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। बम धमाकों की काल्पनिक स्थिति में प्रशासन ने अपनी तैयारी परखी। जानें क्यों बजा सायरन।
High-level 'Blackout' mock drill conducted in Ajmer and Punjab post-Operation Sindoor. Admin tests readiness for bomb blasts and emergency coordination.
पंजाब और राजस्थान में मॉक ड्रिल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Rajasthan and Punjab Mock Drill: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश में आतंकी हमलों से निपटने के लिए प्रशासन ने उपाय योजना किए। आज राजस्थान के अजमेर जिले में आपातकालीन हालात से निपटने की तैयारियों की जांच के लिए शुक्रवार शाम कलेक्ट्रेट परिसर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। शाम करीब 7:30 बजे सायरन बजाकर आपात स्थिति का संकेत दिया गया, जिसके बाद पूरा प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया।

मॉक ड्रिल के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में 5 से अधिक बम का विस्फोट होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत एजेंसियों ने मोर्चा संभाला। इस दौरान पूरे परिसर में ब्लैकआउट किया गया। इस मौके पर एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा टीमों को तेजी से तैनात किया गया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी करते नजर आए।

प्रशासन ने अपनी तैयारी परखी

मॉक ड्रिल के अभ्यास के तहत घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने और एम्बुलेंस के जरिए उन्हें अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया को निभाया गया। रेस्क्यू टीमों ने घायलों को कलेक्ट्रेट से बाहर निकालकर जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां पहले से मेडिकल टीम को तैयार रखा गया था।

यह मॉक ड्रिल (Mock Drill) करीब 23 मिनट तक चला। इस दौरान एसडीआरएफ की डॉग स्क्वायड टीम ने पूरे परिसर की तलाशी ली। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का अभ्यास किया। अंत में सायरन बजाकर रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त किया गया।

एडीएम सिटी नरेंद्र मीणा और एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल (Mock Drill) का मकसद आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और प्रतिक्रिया समय को और तेज बनाना है। साथ ही सुरक्षा, राहत और चिकित्सा सेवाओं की तत्परता का आकलन भी किया गया। ड्रिल के सफल समापन के बाद अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और आवश्यक सुधार के निर्देश जारी किए।

पंजाब में मॉक ड्रिल का आयोजन

इसके अलावा पंबाज के अमृतसर में भी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए पूरे पंजाब में बड़े पैमाने पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें अमृतसर में सिविल डिफेंस के नेतृत्व में 'ब्लैकआउट' अभ्यास भी शामिल था।

अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय निर्देशों का पालन करने की अपील की, जिसमें सायरन बजने पर बत्तियां बुझाना भी शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रिल का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को आपदाओं या शत्रुतापूर्ण स्थितियों के दौरान प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना है। संगरूर ज़िले में एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह 'ब्लैकआउट' अभ्यास आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से किया गया।

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