पाकिस्तान तो फेल रहा... 'सही समय आने पर भारत निभाएगा भूमिका', ईरान-US विवाद पर बोले राजनाथ सिंह

Rajnath Singh India Role Iran US: राजनाथ सिंह ने बर्लिन में कहा कि भारत भविष्य में ईरान और US के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने होर्मुज में तनाव को भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरा बताया।
'India Will Play Its Role When the Time Is Right': Rajnath Singh on Iran-US Dispute; Says Pakistan Has Failed
राजनाथ सिंह, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Rajnath Singh India Role Iran US Mediation: भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक प्रतिस्पर्धा अब वैश्विक शांति प्रयासों में भी दिखने लगी है। जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा पर बर्लिन पहुंचे भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि भारत, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भीषण तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में पाकिस्तान की कोशिशें अब तक पूरी तरह सफल नहीं हो सकी हैं लेकिन भारत आने वाले समय में इसमें सफलता हासिल कर सकता है।

'हर चीज का एक सही वक्त होता है'

जर्मनी में एक सभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने अपनी तरफ से शांति स्थापित करने की कोशिशें की हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं दोनों पक्षों से युद्ध समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कूटनीतिक धैर्य की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हर चीज का एक सही समय होता है। हो सकता है कि आगे चलकर वो समय आए, जब भारत अपनी भूमिका निभाए और उसमें सफलता भी मिले। यह बयान वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और संतुलित कूटनीति का प्रमाण माना जा रहा है, विशेषकर तब जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के प्रयास बहुत सफल नहीं रहे हैं।

भारत की आर्थिक चिंताएं

रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान Strait of Hormuz में जारी अस्थिरता की ओर भी खींचा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मार्ग पर होने वाली कोई भी रुकावट सीधे तौर पर भारत को प्रभावित करती है। सिंह के अनुसार, 'हमारी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है, ऐसे में वहां का कोई भी संकट हमारे लिए अहम हो जाता है'। उन्होंने चेतावनी दी कि आज के दौर में कोई भी क्षेत्रीय संकट केवल एक इलाके तक सीमित नहीं रहता बल्कि उसके प्रभाव पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर पड़ते हैं।

भारत-जर्मनी रक्षा साझेदारी को मिलेगी नई धार

अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने भारत और जर्मनी के बीच रक्षा और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान वैश्विक परिवेश में भरोसेमंद साझेदारी और मिलकर काम करना बेहद जरूरी है। राजनाथ सिंह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भारत की ओर एक संतुलित और प्रभावशाली मध्यस्थ के रूप में देख रही है।

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