पुतिन और पेजेश्कियन की बढ़ती नजदीकी: 56 दिनों में तीन बार हुई ‘हॉटलाइन’ पर बात, आखिर मास्को में क्या चल रहा?
Putin Pezeshkian Call: ईरान पर US-इजरायल हमलों के बीच पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन लगातार संपर्क में हैं। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण और आर्थिक दबाव की घोषणा की है।
- Written By: अमन उपाध्याय
पुतिन और मसूद पेजेश्कियन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Putin Pezeshkian Call trump Strait Of Hormuz Control: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच रूस और ईरान के बीच रणनीतिक गठबंधन और मजबूत होता दिख रहा है। रूस में ईरान के राजदूत काजम जलाली ने शुक्रवार को खुलासा किया कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमले शुरू होने के बाद से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके ईरानी समकक्ष मसूद पेजेश्कियन लगातार और करीबी संपर्क में बने हुए हैं।
पुतिन और पेजेश्कियन के बीच ‘हॉटलाइन’
राजदूत जलाली के अनुसार, पुतिन और पेजेश्कियन ने 28 फरवरी से अब तक तीन बार फोन पर विस्तृत चर्चा की है जिसमें सबसे हालिया बातचीत 12 अप्रैल को हुई थी,। राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच न केवल राष्ट्रपतियों के स्तर पर, बल्कि विदेश मंत्रियों के बीच भी अत्यंत मजबूत संबंध हैं। रूस ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में पक्की शांति लाने और लड़ाई को सुलझाने की कोशिशों में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ट्रंप की होर्मुज पर ‘आर्थिक स्ट्राइक’
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना रुख कड़ा कर लिया है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान कोई समझौता नहीं करता, तब तक अमेरिका इस रणनीतिक तेल मार्ग पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। ट्रंप का तर्क है कि इस रास्ते को बंद रखना ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव डालने का एक प्रभावी हथियार है।
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500 मिलियन डॉलर का दांव
ट्रंप ने डेटा साझा करते हुए बताया कि यदि यह रास्ता खोल दिया जाता है, तो ईरान प्रतिदिन करीब 500 मिलियन डॉलर की कमाई करेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, मैं नहीं चाहता कि वे इतना पैसा कमाएं। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग में रुकावट से वैश्विक ईंधन की कीमतों पर थोड़े समय के लिए असर पड़ सकता है, लेकिन वे इसे समझौते के लिए अनिवार्य मानते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक संकरा समुद्री रास्ता है जो खाड़ी के तेल उत्पादक देशों को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई चेन को बाधित करती है और कीमतों में भारी उछाल लाती है। फिलहाल, अमेरिका ने इस पर ‘पूर्ण नियंत्रण’ का दावा कर इसे कूटनीतिक सौदेबाजी का मुख्य केंद्र बना दिया है।
