पुतिन के बाद बेटी करेगी रूस पर राज! ‘क्रेमलिन’ में एंट्री की तैयारी, बढ़ी सियासी हलचल
Vladimir Putin Daughter: रूस के विदेश मंत्री सार्गेई लावरोव की कुर्सी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। चर्चा है कि व्लादिमीर पुतिन की छोटी बेटी एकातेरिना तिखोनोवा उनकी जगह ले सकती हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
पुतिन की बेटी की ‘क्रेमलिन एंट्री’ की तैयारी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Vladimir Putin News: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की छोटी बेटी एकातेरिना तिखोनोवा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। खबर है कि पुतिन उन्हें क्रेमलिन में अहम भूमिका दे सकते हैं। यह चर्चा तब शुरू हुई जब रूस के विदेश मंत्री सार्गेई लावरोव के क्रेमलिन से दूरी बनाने की रिपोर्ट मीडिया में आई।
ब्रिटिश अखबार ‘द सन’ ने पुतिन के पूर्व स्पीच राइटर अब्बास गैल्यामोव के हवाले से लिखा कि बुडापेस्ट में तय ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन रद्द होते ही तिखोनोवा सक्रिय हो गईं। बता दें कि 39 वर्षीय तिखोनोवा जो कि लावरोव की कुर्सी पर नजर गड़ाए हुए हैं और मॉस्को में बैठकर इसके लिए रणनीति बना रही हैं।
कौन हैं एकातेरिना तिखोनोवा?
एकातेरिना व्लादिमीर पुतिन और उनकी पहली पत्नी ल्यूडमिला की दूसरी संतान हैं। उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और एशियाई देशों पर विशेष अध्ययन किया। 2022 में उन्हें रूस की आयात प्रतिस्थापन समन्वय परिषद (Import Substitution Council) की सह-अध्यक्ष बनाया गया। यह संस्था रूस के बड़े उद्योगपतियों से जुड़ी है। माना जा रहा है कि अब वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अपनी भूमिका तय करना चाहती हैं।
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कौन हैं सार्गेई लावरोव?
75 साल के लावरोव को रूस का सबसे अनुभवी और रणनीतिक डिप्लोमैट माना जाता है। लगभग दो दशकों से वे रूस की विदेश नीति के केंद्र में रहे हैं। इस दौरान दो राष्ट्रपति बदले पर लावरोव अपनी जगह पर कायम रहे। उन्होंने 1972 में अपने करियर की शुरुआत श्रीलंका में बतौर राजनयिक की थी और 2004 में विदेश मंत्री बने। सीरिया गृहयुद्ध, क्रीमिया विवाद, और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे बड़े मामलों में लावरोव की भूमिका बेहद अहम रही।
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क्रेमलिन में बदलती हवा
मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बुडापेस्ट सम्मेलन रद्द होने के बाद से पुतिन और लावरोव के बीच मतभेद बढ़े हैं। जी-20 की अफ्रीकी द्वीप में प्रस्तावित बैठक में भी लावरोव को नहीं भेजा गया, जबकि वे इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त माने जाते थे। हालांकि, न तो लावरोव ने इस पर कोई बयान दिया और न ही क्रेमलिन ने कोई आधिकारिक पुष्टि की। प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी रिपोर्टों में कोई खास दम नहीं है।
लेकिन ‘द सन’ की रिपोर्ट बताती है कि जैसे ही लावरोव बैकफुट पर आए तिखोनोवा ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने पुतिन से लावरोव के खिलाफ शिकायत भी की है। अब सबकी निगाहें पुतिन के अगले कदम पर हैं क्या वे अपनी बेटी को क्रेमलिन में बड़ी भूमिका देंगे?
