सिर्फ अमेरिका नहीं...रूस के विदेश मंत्री ने किया डरावना खुलासा, बताया क्या है पुतिन का परमाणु प्लान

Russia Nuclear Test: रूस ने राष्ट्रपति पुतिन के आदेश पर परमाणु परीक्षणों की तैयारी शुरू कर दी है। लावरोव ने कहा कि यदि अमेरिका परीक्षण फिर से शुरू करता है, तो रूस भी प्रतिक्रिया करेगा।
सिर्फ अमेरिका नहीं...रूस के विदेश मंत्री ने किया डरावना खुलासा, बताया क्या है पुतिन का परमाणु प्लान
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sergey Lavrov on Nuclear Testing: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में एक डरावना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रूस ने राष्ट्रपति पुतिन के आदेश पर परमाणु परीक्षणों की तैयारी शुरू कर दी है। लावरोव ने बताया कि विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियां इस दिशा में काम कर रही हैं। 5 नवंबर को पुतिन ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा था कि अगर अमेरिका परमाणु परीक्षणों पर प्रतिबंध का पालन नहीं करता, तो रूस भी परीक्षणों की तैयारी करेगा।

लावरोव ने कहा कि रूस ने पुतिन के आदेशों को मान लिया है और इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रूस को अभी तक अमेरिका से इस मामले में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है, खासकर उस बयान के बारे में, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया था। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करेगा, क्योंकि चीन और पाकिस्तान जैसे देश इस पर काम कर रहे हैं।

अमेरिका-रूस के बीच तनाव

पुतिन ने सुरक्षा परिषद की बैठक में साफ कहा था कि रूस तब ही परमाणु परीक्षण करेगा, जब अमेरिका या कोई अन्य देश ऐसा करेगा। रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव ने भी कहा कि अमेरिकी बयानों के जवाब में रूस को परमाणु परीक्षणों की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। यह कदम वैश्विक परमाणु हथियारों की होड़ को फिर से बढ़ा सकता है, खासकर जब से रूस ने 2023 में सीटीबीटी (व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि) को वापस ले लिया था।

सीटीबीटी, जो 1996 में बनाया गया था, परमाणु परीक्षणों पर रोक लगाने के लिए है, और इसे अधिकांश परमाणु शक्ति संपन्न देशों ने अपनाया है, लेकिन अमेरिका ने कभी इसे मंजूरी नहीं दी। पिछले कुछ दशकों में केवल उत्तर कोरिया ने परीक्षण किए हैं, जबकि भारत और पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे।

परमाणु परीक्षण बन सकता है खतरा

अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस विकास पर नजर रखे हुए है, क्योंकि यदि अमेरिका और रूस परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करते हैं, तो यह वैश्विक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। रूस ने कहा है कि वह इस पर जल्द प्रस्ताव तैयार करेगा और इसके परिणाम सार्वजनिक करेगा।

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