तमिलनाडु में कमला हैरिस का पोस्टर
चेन्नई: कमला हैरिस भले से अमेरिका की होकर रह गईं, लेकिन मूल रूप से भारत की होने की वजह से भारतीय उन्हें खास स्थान देते हैं। आज अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग है। समर्थन में तमिलनाडु में उनका पोस्टर लगा हुआ देखने को मिला।
राष्ट्रपति पद के वोटिंग शुरू होने से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस के समर्थन में तमिलनाडु के गांव थुलासेंद्रापुरम में पोस्टर लगाए गए हैं। ये गांव हैरिस के नाना और नानी का है।
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कमला हैरिस के नाना- नानी भारत के दक्षिणी शहर चेन्नई से 300 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव थुलासेंद्रापुरम में रहते थे। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस का मुकबला रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप से है। जो कि अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं।
अमेरिका में अधिकतर क्षेत्रों में मतदान भारतीय समय के अनुसार, मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे शुरू होगा। जो अगले दिन यानी बुधवार सुबह करीब 6 बजे तक चलेगा।
भारतीय परंपराओं से जुड़ी हैं हैरिस
माना जाता है कि शुरू से ही अमेरिका में रहीं कमला हैरिस की जड़ें भारतीय परंपराओं से जुड़ी हैं। अंग्रेजी अखबार द हिंदू में पब्लिश खबर के मुताबिक, मां की मृत्यु के बाद वो हिन्दू रीति रिवाज के मुताबिक उनकी अस्थियां समुद्र में प्रवाहित करने अपनी बहन के साथ चेन्नई आई थीं।
कमला हैरिस क्यों भारतीयों के दिल में
2021 में अमेरिका की पहली महिला, पहली ब्लैक और दक्षिण एशियाई मूल की उप-राष्ट्रपति बनी कमला हैरिस ने इतिहास रच दिया था। तमिलनाडु की ब्रेस्ट कैंसर रिसर्चर श्यामला गोपालन की बेटी कमला हैरिस 1958 में अमेरिका चली गईं। उनके पिता डोनाल्ड हैरिस जमैका के थे।
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कमला हैरिस ने किया था ट्वीट
कमला हैरिस ने 2023 में एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा- 19 वर्ष की आयु में मेरी मां श्यामला अमेरिका अकेली आ गई थीं। वो एक शक्ति थीं एक वैज्ञानिक, सिविल राइट एक्टिविस्ट मां थी, जिसने अपनी दोनों बेटियों में गर्व के भाव भरे। वैसे कमला हैरिस एक समृद्ध और विशिष्ट परिवार से आती हैं। उनके मामा गोपालन बालाचंद्रन एक विद्वान व्यक्ति थे।