ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
PM Modi talk to Pezeshkian: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत की। मौजूदा युद्ध जैसी स्थिति के दौरान दोनों नेताओं के बीच यह पहली प्रत्यक्ष वार्ता मानी जा रही है। इस बातचीत का मकसद क्षेत्र में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति, ऊर्जा आपूर्ति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ क्षेत्र की गंभीर परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बढ़ते तनाव, नागरिकों की मौत और नागरिक ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और देश के लिए तेल-गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान यह भी दोहराया कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता का समर्थक रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। भारत ने हमेशा संवाद और सहयोग के माध्यम से संकट के समाधान का समर्थन किया है और इस बार भी वही रुख अपनाया गया है।
با رئیسجمهور ایران، دکتر مسعود پزشکیان، گفتوگو کردم تا وضعیت جدی در منطقه را مورد بحث قرار دهم. نگرانی عمیق خود را نسبت به تشدید تنشها، از دست رفتن جان غیرنظامیان و همچنین آسیب به زیرساختهای غیرنظامی ابراز کردم. ایمنی و امنیت شهروندان هندی، همراه با ضرورت تداوم بدون مانعِ… — Narendra Modi (@narendramodi) March 12, 2026
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, को लगभग बंद कर दिया है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए अत्यंत अहम माना जाता है क्योंकि वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। इस मार्ग पर प्रतिबंध और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में भारी चिंता पैदा कर दी है।
इसके अलावा खाड़ी देशों के तेल प्रतिष्ठानों पर ईरान के हमले और ईरान में अमेरिका तथा इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। इन घटनाओं के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते कई देशों में तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है।
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इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हालात को लेकर अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बातचीत की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संवाद के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दे दी है।