'दुनिया को बर्बाद नहीं होने दूंगा', ईरान के एटम बम प्लान पर ट्रंप की हुंकार, तेल संकट पर भी दिया बड़ा बयान

Trump Oil Crisis Statement: मध्य-पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।
"I won't let the world be destroyed," Trump slams Iran's atomic bomb plan, also makes a major statement on the oil crisis.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Iran Nuclear Warning: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और तेल-गैस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। ट्रंप ने विश्व समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा है कि वे 'दुनिया को बर्बाद नहीं होने देंगे' और ईरान को किसी भी कीमत पर एटम बम नहीं बनाने देंगे। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके गंभीर परिणाम दिखाई देने लगे हैं।

तेल की कीमतों में उछाल

डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया कि अमेरिका वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। इस कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से अमेरिका को आर्थिक रूप से बहुत लाभ होता है। हालांकि, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि मुनाफा अपनी जगह है, लेकिन एक राष्ट्रपति के रूप में उनके लिए इससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण मुद्दा ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और मिडिल ईस्ट को इस भीषण संकट से बचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का परमाणु संपन्न होना पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

होर्मुज स्ट्रेट की घेराबंदी और वैश्विक हाहाकार

दूसरी ओर, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका की धमकियों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। खामेनेई ने आधिकारिक ऐलान किया है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। उन्होंने कसम खाई है कि ईरान अपनी धरती पर हुई हर शहादत और हर मौत का बदला लेगा। मुज्तबा के इस कड़े रुख के बाद दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।

200 प्रति बैरल डॉलर तक पहुंच सकती हैं कीमतें

ईरान द्वारा इस रणनीतिक मार्ग को अवरुद्ध करने के कारण मार्च 2026 की शुरुआत से ही कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। आर्थिक विशेषज्ञों और सूत्रों के अनुसार, यदि यह सैन्य संकट लंबा चला, तो तेल की कीमतें 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर तक भी जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त, ईरान ने मिडिल ईस्ट में स्थित हर अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला करने की भी धमकी दी है, जिससे युद्ध के और अधिक फैलने की संभावना बढ़ गई है।

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