पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई अहम चर्चा, आतंकवाद के खिलाफ साझा जंग का लिया संकल्प

Modi Netanyahu Talk: पीएम मोदी ने इजरायली पीएम नेतन्याहू से फोन पर बात कर रणनीतिक साझेदारी और आतंकवाद के खिलाफ जंग पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, 2026 के सहयोग के अवसरों पर जोर दिया।
PM Modi and Netanyahu Discuss Strategic Ties, Vow to Strengthen Counter-Terrorism Cooperation
पीएम मोदी ने इजरायली पीएम नेतन्याहू से फोन पर की बात (सोर्स-सोशल मीडिया)
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India Israel Strategic Partnership Update: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर विस्तार से बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति बनी। नए साल के अवसर पर हुई इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद जैसे वैश्विक चुनौतियों पर गंभीरता से चर्चा की गई।

पिछले एक महीने के भीतर दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी महत्वपूर्ण बातचीत है, जो भारत-इजरायल के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। पीएम मोदी ने इस संवाद के जरिए न केवल संबंधों को नए आयाम देने की बात कही, बल्कि शांति और स्थिरता के लिए साझा प्रयासों पर भी जोर दिया।

रणनीतिक साझेदारी और नए संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2026 में भारत-इजरायल संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की है। दोनों नेताओं ने माना कि भविष्य में कृषि, रक्षा और उन्नत तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग के कई नए अवसर मौजूद हैं। क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करते हुए दोनों प्रधानमंत्रियों ने स्थिर और सुरक्षित वातावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस'

बातचीत का एक मुख्य केंद्र आतंकवाद रहा, जहां दोनों देशों ने इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त न करने की अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को एक बार फिर दुनिया के सामने रखा। पीएम मोदी और नेतन्याहू ने आतंकवाद के खिलाफ अधिक मजबूती से लड़ने के अपने साझा संकल्प को दोहराया और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति जताई। वैश्विक राजनीति में जारी उथल-पुथल के बीच दोनों देशों का यह रुख सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इजरायल का अटूट समर्थन

इतिहास गवाह है कि इजरायल हमेशा एक विश्वसनीय मित्र के रूप में भारत के साथ खड़ा रहा है और अत्याधुनिक हथियारों की आपूर्ति में प्रमुख भूमिका निभाई है। संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इजरायल अक्सर भारत के पक्ष में मजबूती से अपनी आवाज उठाता रहा है। यह बातचीत दर्शाती है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद दोनों देशों की रणनीतिक धुरी एक-दूसरे के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

भविष्य की संभावनाएं और सहयोग

वर्ष 2026 को दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए 'वर्ष के अवसरों' के रूप में देखा जा रहा है जहां कई द्विपक्षीय समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। नेतन्याहू और मोदी के बीच बार-बार होने वाला संवाद यह सुनिश्चित करता है कि दोनों राष्ट्रों के बीच कूटनीतिक और रक्षा संबंध जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हों। आने वाले समय में साइबर सुरक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भी भारत और इजरायल की जुगलबंदी नई ऊंचाइयों को छू सकती है।

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