पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Modi Macron Call On Israel Iran War Peace Talks: मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष ने पूरी दुनिया को असुरक्षा के साये में धकेल दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने ‘प्रिय मित्र’ और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर विस्तार से बातचीत की। इस उच्चस्तरीय वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बिगड़ते हालात को स्थिर करना और हिंसा को रोककर संवाद का रास्ता साफ करना था।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता है। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि शांति और स्थिरता की बहाली केवल कूटनीति और आपसी संवाद के माध्यम से ही संभव है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और फ्रांस इस क्षेत्र और उससे परे शांति को बढ़ावा देने के लिए अपना निकट समन्वय और सहयोग जारी रखेंगे।
Spoke with my dear friend, President Emmanuel Macron, on the situation in West Asia and the urgent need for de-escalation, as well as a return to dialogue and diplomacy. We look forward to continuing our close coordination to advance peace and stability in the region and… — Narendra Modi (@narendramodi) March 19, 2026
मिडिल ईस्ट में जारी इस जंग का असर अब केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमलों ने दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर दी है। भारत के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि ईरान के हमलों में कतर का एक प्रमुख गैस प्लांट तबाह हो गया है, जिससे भारत का 20% गैस आयात ठप हो गया है। भारत सरकार ने भी यह स्वीकार किया है कि मिडिल ईस्ट में होने वाली किसी भी घटना का सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
दोनों नेताओं ने संघर्ष के कारण हो रहे जान-माल के नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। रिपोर्टों के अनुसार, जहां ईरान ने खाड़ी देशों की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है, वहीं इजरायल ने ईरान के गैस क्षेत्रों पर हमला कर उसे भारी क्षति पहुंचाई है। इस हमले के बीच निर्दोष लोगों की जान जा रही है, जो वैश्विक समुदाय के लिए एक बड़ा मानवीय संकट बनता जा रहा है।
यह भी पढ़ें:- पाकिस्तान ने तोड़ा वादा! ईद से पहले अफगानिस्तान पर बरसाए 72 गोले, कुनार में तनाव चरम पर
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच यह बातचीत भारत-फ्रांस के बीच के मजबूत सामरिक और द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है। वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों का एक साथ आना यह संकेत देता है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मध्यस्थ और शांति दूत की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। मैक्रों के साथ यह चर्चा वैश्विक स्तर पर डी-एस्केलेशन के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।