प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Iran Relations: पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता और तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की। इस उच्च-स्तरीय संवाद के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुचारू बनाए रखने जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति को ईद और नवरोज की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी बातचीत का विवरण साझा करते हुए उम्मीद जताई कि यह त्योहारों का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि का संदेश लेकर आएगा। नवरोज, जिसका फारसी में अर्थ ‘नया दिन’ होता है, पारसियों और ईरानी मूल के लोगों के लिए नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने सभी के बेहतर स्वास्थ्य और आकांक्षाओं के पूरा होने की कामना की।
Spoke with President Dr. Masoud Pezeshkian and conveyed Eid and Nowruz greetings. We expressed hope that this festive season brings peace, stability and prosperity to West Asia. Condemned attacks on critical infrastructure in the region, which threaten regional stability and… — Narendra Modi (@narendramodi) March 21, 2026
क्षेत्रीय तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने उन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की जो ऊर्जा और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी गंभीर रूप से बाधित करते हैं।
दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया। पीएम मोदी ने नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग मार्गों को खुला व सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। यह चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समुद्री मार्ग बाधित होने से वैश्विक स्तर पर खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
प्रधानमंत्री ने ईरान में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा के मुद्दे पर भी राष्ट्रपति पेजेशकियान से चर्चा की। उन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान द्वारा प्रदान किए जा रहे निरंतर समर्थन की सराहना की और इसके लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया।
ईरान से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बहरीन के शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा से भी फोन पर इसी तरह की सार्थक चर्चा की थी। उन्होंने बहरीन के शासक के साथ भी पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों और वैश्विक खाद्य व ईंधन सुरक्षा जैसे विषयों पर बात की थी।
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28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद उपजी परिस्थितियों को देखते हुए भारत सक्रिय रूप से संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। यही कारण है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से पीएम मोदी सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, फ्रांस, मलेशिया और इजरायल सहित कई वैश्विक नेताओं के साथ संपर्क में हैं ताकि क्षेत्र में शांति बहाली के रास्ते तलाशे जा सकें।