अमेरिका में सेना पर ट्रंप का शिकंजा! सरहद पर तैनात फौजियों के परिवार भेजे जा रहे जेल
Immigration Crackdown Spouses: ट्रंप सरकार के सख्त इमिग्रेशन क्रैकडाउन के तहत एक्टिव ड्यूटी पर तैनात अमेरिकी सैनिकों के 50 से अधिक माता-पिता और जीवनसाथियों को हिरासत में लिया गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिकी सैनिक (सोर्स- सोशल मीडिया)
Immigration Crackdown Trump Administration Detains 50 Spouses And Parents: ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में लागू की गई सख्त आव्रजन नीतियों के कारण अमेरिकी सेना के जवानों के परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है। एक तरफ जहां देश के वीर फौजी सरहदों और विदेशों में जान हथेली पर रखकर ड्यूटी निभा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके अपने ही घरों में गहरी चिंता और असुरक्षा व्याप्त हो गई है।
एसोसिएटेड प्रेस की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ट्रंप सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान एक्टिव-ड्यूटी पर तैनात अमेरिकी सैनिकों के 50 से अधिक माता-पिता और जीवनसाथियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से कम से कम 6 लोगों को अमेरिका से डिपोर्ट भी किया जा चुका है, जिससे सैन्य परिवारों का मनोबल प्रभावित हुआ है।
सैन्य परिवारों पर कार्रवाई
एक तरफ अमेरिकी सेना भर्ती विज्ञापनों में ‘आव्रजन फायदों’ का ढिंढोरा पीट रही है। वहीं दूसरी तरफ जो परिजन अपना लीगल स्टेटस ठीक कराने की कानूनी प्रक्रिया में लगे हैं, उन्हें बिना किसी सुरक्षा के महीनों तक डिटेंशन सेंटर में डाला जा रहा है।
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मनोबल पर बुरा असर
ये वे परिजन थे जिनके पास वर्तमान में वैध वीजा या ग्रीन कार्ड नहीं है और वे अमेरिका में कानूनी दर्जा पाने की प्रक्रिया में लगे थे। दशकों से डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों दलों में यह सहमति थी कि सैनिकों के परिजनों को डिपोर्टेशन से बचाया जाएगा, लेकिन अब इस सुरक्षा परंपरा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।
सैनिकों को अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। कई जवानों को अपने बच्चों की देखभाल और पत्नी या पति की रिहाई के लिए छुट्टियां लेनी पड़ रही हैं, जिससे उनकी सैन्य तैनाती में देरी हो रही है। फोर्ट ब्लिस में तैनात सार्जेंट हेदार लियोनेल तुर्सियोस जुआरेज का दर्द भी यही कड़वी हकीकत बयां करता है।
सार्जेंट हेदार का दर्द
सार्जेंट हेदार की पत्नी को जुलाई में उनकी 6 साल की मासूम बेटी के सामने ही एक वॉलमार्ट स्टोर के बाहर से हिरासत में ले लिया गया। वे कहते हैं कि जब पत्नी हिरासत में है तो वह सैन्य ड्यूटी पर कैसे ध्यान दें। हालांकि, भारी जनआक्रोश के बाद होमलैंड सेक्रेटरी मार्कवेन मुलिन ने हस्तक्षेप कर कुछ लोगों को रिहा करवाया।
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सरकारी आंकड़ों का सच
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग सैन्य परिवारों की गिरफ्तारी का कोई अलग रिकॉर्ड नहीं रखता है। एपी ने अदालती दस्तावेजों और वकीलों से बातचीत करके यह डेटा निकाला है। विभाग के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में से 7 पहले निकाले जा चुके थे, 8 पर डिपोर्टेशन आदेश थे और 2 पर आपराधिक मामले दर्ज थे।
