Foreign Media पर पाकिस्तान ने लगाई नई पाबंदी, PoK की सच्चाई छुपाने की नापाक कोशिश जारी
Foreign Media Rules: पाकिस्तान सरकार ने विदेशी मीडिया पर नई पाबंदियां लगाई हैं। बिना NOC के अब कोई भी अंतरराष्ट्रीय पत्रकार Pok और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में जाकर स्वतंत्र रिपोर्टिंग नहीं कर सकेगा।
- Written By: प्रिया सिंह
पाकिस्तान सरकार ने विदेशी मीडिया पर नई पाबंदियां (सोर्स- AI जनरेटेड)
Pakistan Bans Foreign Media From Reporting Outside Major Cities: पाकिस्तान सरकार ने विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग पर नई पाबंदियां लगा दी हैं। अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों के लिए काम करने वाले विदेशी पत्रकारों को इस्लामाबाद, लाहौर और कराची के बाहर किसी भी क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने से पहले सरकार से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना जरूरी होगा।
माना जा रहा है कि यह कदम विशेष रूप से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में हो रहे जन आंदोलनों और दमन की कार्रवाई की स्वतंत्र कवरेज को रोकने के लिए उठाया गया है। बिना इस NOC के अब कोई भी विदेशी रिपोर्टर इन संवेदनशील क्षेत्रों में स्वतंत्र रिपोर्टिंग नहीं कर पाएगा।
अल जजीरा पर कार्रवाई
दरअसल हाल के दिनों में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में महंगाई, प्रशासनिक अव्यवस्था और चुनावों को लेकर बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इन जन आंदोलनों और प्रदर्शनकारियों पर सेना द्वारा किए गए दमन और बल प्रयोग की खबरों को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने वैश्विक स्तर पर बहुत प्रमुखता से दिखाया था।
सम्बंधित ख़बरें
France Shooting: फ्रांस के वैलेंस शहर में हुई अंधाधुंध फायरिंग, छह लोग हुए घायल, हमलावर फरार
Russian Drone फैक्टरी के सीईओ व्लादिमीर तकाचुक पर जानलेवा हमला, मर्सिडीज कार में विस्फोट
अमेरिका में सेना पर ट्रंप का शिकंजा! सरहद पर तैनात फौजियों के परिवार भेजे जा रहे जेल
CPEC Funding को लगा झटका, चीन ने रोकी मदद तो अब खुद ही हाईवे बनाएगा कंगाल पाकिस्तान
इस बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कवरेज से घबराकर शहबाज शरीफ सरकार ने मीडिया पर निगरानी और नियंत्रण कड़ा करने का यह रास्ता चुना है। नई व्यवस्था के तहत बिना मंजूरी के विदेशी पत्रकार संवेदनशील इलाकों में जाकर स्वतंत्र रिपोर्टिंग नहीं कर सकेंगे, जिससे जमीनी सच्चाई को पूरी दुनिया के सामने आने से रोका जा सके।
इस बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल अल जजीरा द्वारा PoK में जारी विरोध प्रदर्शनों और चुनावी धांधलियों पर की गई निष्पक्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग से पाकिस्तान सरकार काफी नाराज थी। सूचना मंत्रालय ने चैनल पर चुनावी प्रक्रिया की गलत तस्वीर पेश करने का आरोप लगाते हुए वहां उसकी वेबसाइट तक पर रोक लगा दी है।
प्रेस स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल
इस विवाद के बाद पाकिस्तान में अल जजीरा की डिजिटल पहुंच को पूरी तरह सीमित कर दिया गया है। मीडिया संगठनों का कहना है कि सरकार की इस तानाशाही कार्रवाई से प्रेस की स्वतंत्रता पर बहुत बुरा असर पड़ेगा और विदेशी पत्रकारों के लिए निष्पक्षता से काम करना अब लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
यह भी पढ़ें: France Shooting: फ्रांस के वैलेंस शहर में हुई अंधाधुंध फायरिंग, छह लोग हुए घायल, हमलावर फरार
वही मानवाधिकार संगठनों ने भी सरकार के इन कड़े फैसलों की खुलकर आलोचना की है और कहा है कि इससे जमीनी हालात की निष्पक्ष रिपोर्टिंग करना बहुत मुश्किल होगा। भारत ने भी PoK में हुए स्थानीय चुनावों और वहां लोगों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने को लेकर पाकिस्तान की खुलकर आलोचना की है।
स्वतंत्र प्रेस की आवाज को इस तरह दबाने से पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर और अधिक अलग-थलग पड़ सकता है, जहां लोकतंत्र और मानवाधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। इस गंभीर संकट से देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह धूमिल हो जाएगी।
