विदेश मंत्री एस जयशंकर, BNP नेता तारिक रहमान (सोर्स- सोशल मीडिया)
PM Modi Letter to Tarique Rahman: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष खालिदा जिया को बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ढाका पहुंचे। इस दौरान उन्होंने खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के वरिष्ठ नेता तारिक रहमान से मुलाकात की और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजी गई संवेदना-पत्र उन्हें सौंपा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पत्र में तारिक रहमान को उनकी मां के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि खालिदा जिया के निधन की खबर सुनकर उन्हें अत्यंत दुख हुआ है और यह परिवार के लिए एक अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति है। पीएम मोदी ने दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति के लिए प्रार्थना करते हुए तारिक रहमान और उनके परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट कीं।
पत्र में प्रधानमंत्री ने जून 2015 में ढाका में खालिदा जिया से हुई अपनी मुलाकात को याद किया और उन्हें एक असाधारण नेता बताया, जिनमें अदम्य संकल्प और दृढ़ विश्वास था। उन्होंने उल्लेख किया कि खालिदा जिया को बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ और उन्होंने देश के राजनीतिक व सामाजिक विकास में अहम योगदान दिया। साथ ही, भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि खालिदा जिया के निधन से जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसे भर पाना कठिन है, लेकिन उनका दृष्टिकोण और विरासत सदैव जीवित रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि तारिक रहमान के सक्षम नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएगी और भारत-बांग्लादेश के ऐतिहासिक व गहरे संबंधों को नई दिशा और ऊर्जा देगी।
उन्होंने इस राष्ट्रीय शोक की घड़ी में बांग्लादेश की जनता के प्रति भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि देश ने हमेशा धैर्य, गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों का परिचय दिया है। अंत में प्रधानमंत्री ने तारिक रहमान और उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति, धैर्य और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
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गौरतलब है कि खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और तीन बार इस पद पर रह चुकी थीं।