ब्रिटेन में गूंजी बलूचिस्तान की आवाज: महिलाओं की जबरन गुमशुदगी के खिलाफ मैनचेस्टर में प्रदर्शन

Baloch Women Disappearances: ब्रिटेन के मैनचेस्टर में बलूच संगठनों ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने बलूचिस्तान में महिलाओं की गुमशुदगी और पाक सेना के अत्याचारों पर वैश्विक ध्यान मांगा।
Baloch Groups Protest in UK Against Pakistan; Raise Issue of Enforced Disappearances of Women
ब्रिटेन के मैनचेस्टर में बलूच संगठनों का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Protest Against Pakistan In Manchester: ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में बलूच राजनीतिक संगठनों ने पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्तान में महिलाओं की जबरन गुमशुदगी और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया है।

'फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट' के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलूच समुदाय पर किए जा रहे दमन की ओर दुनिया का ध्यान खींचना था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी एजेंसियां अब बलूच महिलाओं को उनके घरों से अगवा कर उन्हें यातना केंद्रों में डाल रही हैं।

महिलाओं की गुमशुदगी पर आक्रोश

मैनचेस्टर की सड़कों पर उतरे बलूच कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि बीते एक महीने में बलूच महिलाओं के खिलाफ राज्य प्रायोजित हिंसा में भारी बढ़ोतरी हुई है। फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट के अनुसार पाकिस्तानी सेना द्वारा महिलाओं की बार-बार गिरफ्तारी और उनका अपहरण किया जा रहा है जो एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय है।

पाकिस्तानी एजेंसियों पर गंभीर आरोप

बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन आज़ाद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां बलूच परंपराओं का उल्लंघन कर महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा और अमानवीय व्यवहार कर रही हैं। बुजुर्ग और बीमार महिलाओं को भी नहीं बख्शा जा रहा है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाकर जेलों में डाल दिया गया है।

सामूहिक सजा और सैन्य दमन

प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सैन्य संस्थानों द्वारा बलूचिस्तान में दी जा रही 'सामूहिक सजा' के क्रूर स्वरूप की निंदा की। आरोप है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर नागरिक आबादी पर ड्रोन और आधुनिक हथियारों से बमबारी की जा रही है जिससे आम जनता का जीवन नरक बन गया है।

वैश्विक संगठनों की चुप्पी पर सवाल

बलूच संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं की चुप्पी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे बलूचिस्तान में जारी 'नरसंहार' का हिस्सा बताया। उन्होंने मांग की कि संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक निकाय तुरंत हस्तक्षेप करें ताकि जबरन गायब किए गए सभी बलूच नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके।

महिला एक्शन फोरम का समर्थन

पाकिस्तान के भीतर सक्रिय 'खवातीन महाज़-ए-अमल' (महिला एक्शन फोरम) ने भी इस प्रतिरोध आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की है। संगठन ने पाकिस्तानी अधिकारियों से मांग की है कि गैर-पारदर्शी न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत गिरफ्तार की गई महिलाओं को तुरंत और सम्मानजनक तरीके से रिहा किया जाए।

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