
जनरल मिन आंग, पीएम मोदी (फोटो- सोशल मीडिया)
बैंकॉक: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत भूकंप प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय और तकनीकी सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) के नेताओं की शिखर बैठक से इतर म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख से मुलाकात की।
बिम्सटेक एक क्षेत्रीय पहल है, जिसमें भारत के पड़ोसी देश शामिल हैं। बिम्सटेक में थाईलैंड, म्यांमार, बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा ‘‘बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। हाल में आए भूकंप के कारण हुई जान-माल की हानि पर एक बार फिर संवेदना व्यक्त की। भारत इस कठिन समय में म्यांमार के अपने भाइयों और बहनों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।”
Met Senior General Min Aung Hlaing of Myanmar on the sidelines of the BIMSTEC Summit in Bangkok. Once again expressed condolences on the loss of lives and damage of property in the wake of the recent earthquake. India is doing whatever is possible to assist our sisters and… pic.twitter.com/Hwwv4VxSpi — Narendra Modi (@narendramodi) April 4, 2025
तख्ता पलट के बाद सत्ता पर काबिज हैं जनरल मिन
उन्होंने कहा कि हमने भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों, विशेषकर ‘कनेक्टिविटी’, क्षमता निर्माण, बुनियादी ढांचा विकास आदि क्षेत्रों पर भी चर्चा की। भारत ने भूकंप प्रभावित म्यांमार में राहत प्रयासों में मदद के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया है। फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद वरिष्ठ जनरल मिन देश की सत्ता संभाल रहे हैं। म्यांमा को बिम्सटेक की सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों के बीच सम्पर्क को बढ़ावा देना है।
‘बिम्सटेक देशों को जोड़ने वाली परियोजनाएं म्यांमार से गुजरती हैं’
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि सदस्य देशों को जोड़ने वाली सभी प्रमुख परियोजनाएं म्यांमार से होकर गुजरती हैं, जहां स्थानीय प्रशासन का देश के विभिन्न क्षेत्रों पर बहुत कम नियंत्रण है। म्यांमार में आए भीषण भूकंप ने देश के लिए अन्य राष्ट्रों के साथ जुड़ने का अवसर पैदा किया है, क्योंकि वह भूकंप से उबरने के लिए मानवीय सहायता चाहता है। म्यांमार में आए भूकंप में 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, लगभग 5,000 लोग घायल हुए हैं और देशभर में 370 से ज्यादा लोग लापता हैं। वरिष्ठ जनरल मिन ने बिम्सटेक देशों के नेताओं के लिए आयोजित आधिकारिक रात्रिभोज में भी भाग लिया। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बिम्सटेक सदस्यों ने बृहस्पतिवार को मंत्रिस्तरीय बैठकों के दौरान आपदा प्रबंधन पर चर्चा की।






