- Hindi News »
- World »
- Palestinian State Civil War Fears Hamas Among Many Contenders
फिलिस्तीन देश बना तो होगा गृहयुद्ध! हमास के अलावा ये चेहरे भी हैं दावेदार…
Gaza War: फिलिस्तीन वेस्ट बैंक और गाजा में बंटा है, जहां फतह और हमास का अलग-अलग शासन है। देश के रूप में मान्यता मिलने पर नेतृत्व किसके हाथ में होगा, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
- Written By: अक्षय साहू

फिलिस्तीन देश बना तो किसे मिलेगी सत्ता (फोटो- सोशल मीडिया)
Palestine Recognition: फिलिस्तीन को एक के बाद एक बड़े देश संयुक्त राष्ट्र महासभा में मान्यता दे रहे हैं। इसके बाद से फिलिस्तीन का समर्थन करने वाले लोगों के बीच उम्मीद जागी है कि 77 साल के लंबे इंतजार के बाद ही सही, पर अब शायद उसे एक देश के तौर पर मान्यता मिल सकती है। लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी उठ खड़ा हुआ है कि अगर फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता मिल भी जाती है, तो इसकी कमान किसके हाथ में होगी?
फिलिस्तीन को लेकर सवाल जितना आसान नजर आता है, उतना है नहीं। दरअसल, फिलिस्तीन दो हिस्सों में बंटा है वेस्ट बैंक और गाजा। वेस्ट बैंक पर फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (फतह) का कब्जा है, वहीं गाजा पर हमास शासन करता आ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि हमास इजरायल के साथ-साथ फतह को भी अपना दुश्मन मानता है। यहां तक कि दोनों के बीच सत्ता को लेकर गृहयुद्ध भी हो चुका है।
यूरोपीय देशों के लिए मुश्किल
संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन को मान्यता देने वालों में फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, माल्टा और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश शामिल हैं। लेकिन इटली जैसे बड़े देश भी हैं जो फिलहाल फिलिस्तीन को मान्यता देना तो चाहते हैं, लेकिन हमास के आतंकी इतिहास के कारण इससे बचते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा फिलिस्तीन के नेतृत्व को लेकर भी देशों में मतभेद हैं।
सम्बंधित ख़बरें
अय्याशी के आरोप या राजनीतिक साजिश? आर्मी चीफ को हटाने के बाद ट्रंप के निशाने पर काश पटेल, तुलसी भी रडार पर
ऐन वक्त पर दगा दे गया ईरान! भारत आ रहा तेल का जहाज अचानक मुड़ा चीन की तरफ, भारतीय रिफाइनरियों की उड़ी नींद
Iran ने मार गिराया अमेरिका का सबसे घातक विमान, देसी एयर-डिफेंस सिस्टम से F-35 के उड़ाए परखच्चे, देखें VIDEO
ट्रंप की सरकार में 5 करोड़ डॉलर का घोटाला! अस्पतालों में हो रहा था बड़ा कांड, FBI ने 8 लोगों को किया गिरफ्तार
मिडिल ईस्ट के अधिकांश देश, जैसे कतर, ईरान, सऊदी अरब और यमन जैसे देश हमास को फिलिस्तीनियों का असली नेता मानते आए हैं। जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हमास की जगह पीएलओ को फिलिस्तीन का असली नेता मानता आ रहा है। इसके पीछे एक बड़ी वजह 1993 का ओस्लो समझौता है।
इसके तहत पीएलओ के तत्कालीन मुखिया यासिर अराफात ने इजरायल को एक देश के तौर पर मान्यता दी थी। वहीं इजरायल भी वेस्ट बैंक और गाजा के कुछ हिस्सों में फिलिस्तीनी स्वशासन स्थापित करने को लेकर तैयार हो गया था। लेकिन 28 सितंबर 2000 को दूसरा इंतिफादा और हमास के उदय के बाद इजरायल ने इस समझौते को मानने से इनकार कर दिया। हालांकि पीएलओ, हमास की तुलना में अब भी बेहतर विकल्प है।
चुनाव से निकाला जा सकता है रास्ता
दूसरे इंतिफादा के बाद वेस्ट बैंक और गाजा में कुछ समय तक चुनावों के जरिए सरकारें चुनी गईं। इस समय तक हमास राजनीतिक रूप से सक्रिय नहीं था। लेकिन 2004 में यासिर अराफात की मौत के बाद उसने खुद को राजनीतिक रूप से तैयार करना शुरू किया और 2006 के चुनाव में सबको हैरान करते हुए फतह को भारी मतों से हराया। हालांकि फतह ने चुनाव के नतीजों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके चलते दोनों के बीच 6 साल तक एक लंबा गृहयुद्ध हुआ। इसके बाद 2012 में समझौते के तहत वेस्ट बैंक फतह को मिला और गाजा पर हमास का कब्जा रहा।
यह भी पढ़ें: खतरे में जिंदगी! डर के साए में जी रहा तालिबान का सुप्रीम लीडर, हर रोज बदल रहा अपना घर
हालांकि 2023 में इजरायल के साथ शुरू हुए युद्ध के बाद हमास की ताकत पहले से कम हुई गई है। लेकिन वो राजनीतिक तौरपर अब भी सक्रिय है। वहीं वेस्ट बैंक में फतह की कमान संभाल रहे महमूद अब्बास वैसी लोकप्रियता हासिल करने में नाकाम रहे हैं, जैसी यासिर अराफात को प्राप्त थी। ऐसे में फिलिस्तीन को देश बनने के बाद नए नेतृत्व की जरूरत होगी, जिसकी मान्यता वेस्ट बैंक के साथ-साथ गाजा और पूरी दुनिया के नेताओं के बीच भी हो।
Palestinian state civil war fears hamas among many contenders
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
महाराष्ट्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! वसुमना पंत बनीं चंद्रपुर की जिलाधिकारी, नागपुर NMC में ‘अंकित’ की एंट्री
Apr 03, 2026 | 02:30 PMPune में मसाज सेंटर पर छापा: देह व्यापार रैकेट का खुलासा, दो युवतियां मुक्त
Apr 03, 2026 | 02:30 PMनागपुर में स्विमिंग पूल में 13 साल के तौफीक की डूबने से मौत, क्या रसूखदारों के दबाव में दबाया जा रहा मामला?
Apr 03, 2026 | 02:23 PMमराठवाड़ा में पेराई अंतिम चरण में, 1.21 करोड़ मीट्रिक टन गन्ने की पेराई; 15 दिनों में सत्र समाप्ति की संभावना
Apr 03, 2026 | 02:23 PMSonam Kapoor Baby: मां बनने के बाद भावुक हुईं सोनम कपूर, अस्पताल की टीम को कहा शब्दों से परे धन्यवाद
Apr 03, 2026 | 02:22 PMPune Police का ‘ऑपरेशन फ्लश आउट’: 11 दिन में 166 केस, 134 आरोपी गिरफ्तार
Apr 03, 2026 | 02:20 PMशापित जमीन, युवती की मौत और परिवार को मारने की धमकी, अशोक खरात का एक और चौंकाने वाला मामला
Apr 03, 2026 | 02:19 PMवीडियो गैलरी

नालंदा भगदड़ में मासूम बच्ची की मौत पर भड़के पप्पू यादव, सिस्टम की विफलता पर उठाए सवाल, सरकार को दी चेतावनी
Apr 03, 2026 | 01:54 PM
बंगाल चुनाव: मुर्शिदाबाद में ओवैसी ने PM मोदी और ममता बनर्जी पर साधा निशाना; कही यह बड़ी बात
Apr 02, 2026 | 11:06 PM
Viral Video Fact Check: PM मोदी की रैली में गैस संकट पर सवाल या फैलाया गया भ्रम?
Apr 02, 2026 | 10:54 PM
कानपुर किडनी कांड: फर्जी डॉक्टर, सीक्रेट ऑपरेशन और गायब रिकॉर्ड…8वीं पास ‘डॉक्टर’ चला रहा था करोड़ों का रैकेट
Apr 02, 2026 | 10:27 PM
रामपुर के कप्तान की विदाई में छलके आंसू, महिला सिपाहियों को रोता देख भावुक हुए SP साहब; VIDEO वायरल
Apr 02, 2026 | 09:52 PM
‘बचाओ साहब, हमें जबरदस्ती ले जा रहे हैं’, लखनऊ में कर्मियों का हंगामा, पुलिस की बदसलूकी पर उठे सवाल- VIDEO
Apr 02, 2026 | 09:34 PM














