एक नहीं...बांग्लादेश में चलेगी दो सरकार! ‘शैडो कैबिनेट’ बनाने में जुटा जमात, तारिक पर लगाम लगाने की तैयारी

Tarique Rahman Oath Ceremony: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने चुनाव में जीत हासिल की। नई सरकार के शपथ समारोह में विदेशी प्रतिनिधि शामिल होंगे। विपक्ष शेडो कैबिनेट बनाकर सरकार की निगरानी करेगा।
Shadow Cabinet in Bangladesh
बांग्लादेश में ‘शैडो कैबिनेट’ बनाने में जुटा विपक्ष (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Shadow Cabinet in Bangladesh: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) मंगलवार 17 फरवरी को दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है, और तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के प्रतिनिधि आमंत्रित हैं, जिसमें भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल होंगे। बांग्लादेश में नई सरकार का यह शपथ समारोह किसी साधारण सत्ता हस्तांतरण से अलग है। लंबे समय तक चली राजनीतिक अस्थिरता के बाद चुनी गई यह सरकार अब कार्यभार संभाल रही है।

वहीं, विपक्षी दलों ने ‘शैडो कैबिनेट’ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि वे नई सरकार की निगरानी कर सकें। चुनाव में BNP की भारी जीत के कारण विपक्ष के पास केवल कुछ ही सीटें बची हैं। नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के प्रवक्ता आसिफ मेहमूद शोएब ने फेसबुक पर कहा कि वे शैडो कैबिनेट बना रहे हैं, जो सरकार की गतिविधियों पर नजर रखेगी और जनता के सामने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।

शैडो कैबिनेट के पक्ष में जमात

इसी तरह, जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार शिशिर मुनीर ने कहा कि राजनीति में नवाचार जरूरी है। उनका कहना है कि सरकार को अपनी कैबिनेट बनाने दी जाए और विपक्ष अपनी शैडो टीम के माध्यम से संसद के अंदर और बाहर सक्रिय रहे, जिससे रचनात्मक नेतृत्व विकसित हो। दरअसल, यह पहल उन 11 पार्टियों के गठबंधन की रणनीति का हिस्सा है, जो जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व में चुनाव में शामिल थीं। इस गठबंधन को 299 सदस्यीय संसद में केवल 77 सीटें मिली हैं, जो BNP के 212 सांसदों के मुकाबले बहुत कम हैं। इसलिए शैडो कैबिनेट विपक्ष का सरकार पर दबाव बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।

शैडो कैबिनेट क्या है?

शैडो कैबिनेट की परंपरा सबसे पहले ब्रिटेन (UK) के वेस्टमिंस्टर संसदीय सिस्टम में शुरू हुई। वहां चुनाव के बाद सरकार बनाने वाली पार्टी और विपक्ष दोनों अपनी टीम बनाते हैं, जिसे शैडो कैबिनेट कहते हैं। आसान शब्दों में जैसे सरकार में शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त आदि विभागों के मंत्री होते हैं, वैसे ही विपक्ष भी अपने सदस्यों को इन विभागों के लिए नियुक्त करता है। ये सदस्य सरकार की नीतियों की समीक्षा करते हैं, सवाल उठाते हैं, आलोचना करते हैं और सुधार के सुझाव भी देते हैं। उदाहरण के लिए, अगर सरकार कोई नई शिक्षा नीति लागू करती है, तो शैडो कैबिनेट उसका विश्लेषण करता है और सुझाव प्रस्तुत करता है।

क्या करते हैं शैडो मंत्री?

शैडो कैबिनेट के सदस्य सरकार की नीतियों की निगरानी करते हैं, जनता और विशेषज्ञों से राय लेते हैं, आंकड़े देखते हैं और संसद में बहस करते हैं। इसका उद्देश्य सरकार को जवाबदेह बनाना और सुनिश्चित करना है कि देशहित के निर्णय ही लिए जाएं। यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह व्यवस्था अच्छी तरह काम करती है।

बांग्लादेश में शैडो कैबिनेट की संभावना

बांग्लादेश में अब तक शैडो कैबिनेट कभी नहीं बनी। संसदीय नियमों में इसके लिए कोई लिखित प्रावधान नहीं है। हालांकि विपक्ष हमेशा संसद में सरकार की आलोचना करता रहा है, लेकिन इतनी संगठित टीम पहले कभी नहीं बनी।

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