सांकेतिस तस्वीर
TTP Attack Pakistan: पाकिस्तान को अफगान तालिबान के हाथों एक और झटका लगा है। पहले हुई हिंसक झड़पों में पाकिस्तान के 50 से अधिक सैनिक मारे गए थे। इसके बाद शांति वार्ता के दौरान तालिबान ने पाकिस्तान की मांगों को पूरी तरह खारिज कर दिया। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान की सरकार और सेना गुस्से से भड़क उठी और उन्होंने भारत के खिलाफ आरोप लगाने शुरू कर दिए।
पाकिस्तान ने मंगलवार को एक बार फिर भारत पर देश में आतंक फैलाने का झूठा आरोप लगाया है। पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसने खैबर पख्तूनख्वा में 15 और 16 नवंबर को दो अलग-अलग अभियानों में फितना-अल-ख्वारिज से जुड़े 15 आतंकवादियों को ढेर किया। पाकिस्तान इस शब्द का इस्तेमाल कथित तौर पर टीटीपी को भारत से जोड़ने के लिए करता है और अक्सर टीटीपी से जुड़े आतंकवादियों को भारत का एजेंट बताता है।
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने मंगलवार को बताया कि पहला ऑपरेशन डेरा इस्माइल खान जिले के कलाची इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया। आईएसपीआर के अनुसार, सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया और इस दौरान समूह के वरिष्ठ कमांडर आलम महसूद समेत 10 आतंकवादी मार गिराए गए।
आईएसपीआर ने बताया कि दूसरा अभियान उत्तरी वजीरिस्तान के दत्ता खेल इलाके में चलाया गया, जिसमें पांच अन्य आतंकवादी मारे गए। शेष आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें समाप्त करने के लिए इलाके में तलाशी अभियान जारी है। हालांकि, वजीरिस्तान का अधिकांश क्षेत्र पाकिस्तानी सेना के नियंत्रण से बाहर है, और सेना इस इलाके में कदम रखने से पहले अत्यधिक सावधानी बरतती है।
यह हमला 11 नवंबर को इस्लामाबाद के न्यायिक परिसर में हुए आत्मघाती विस्फोट के कुछ ही समय बाद हुआ है, जिसमें 12 लोग शहीद और कम से कम 36 घायल हुए थे, जिनमें वकील और याचिकाकर्ता भी शामिल थे।
यह भी पढ़ें: …तो F-35 का निशाना बनेगा भारत? सऊदी डील के बाद पाकिस्तान की बढ़ी उम्मीदें, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि सुरक्षा बल अज़्म-ए-इस्तेहकाम रणनीति के तहत आतंकवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलताएँ हासिल कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि पूरा देश सशस्त्र बलों के साथ खड़ा है और पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह जड़ से उखाड़ फेंकने के अपने संकल्प पर दृढ़ है।