Pakistan में शादी में छाया मातम... सुसाइड अटैक से 7 की मौत, कई घायल, TTP पर हमले का शक

Wedding Suicide Attack: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक शादी समारोह के दौरान आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और 25 घायल हुए। यह एक सुसाइड अटैक था, हमले का शक टीटीपी पर है।
Suicide Attack at Pakistan Wedding: 7 Killed and 25 Injured in Khyber Pakhtunkhwa
पाकिस्तान में शादी में आत्मघाती हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Terrorism in Khyber Pakhtunkhwa 2026: उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को एक भीषण आतंकवादी घटना सामने आई है जिसने पूरे देश को हिला दिया है। खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं के बीच एक शादी समारोह को आत्मघाती हमलावर ने निशाना बनाया है। इस दुखद हमले में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 25 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब लोग जश्न में डूबे हुए थे और अचानक जोरदार धमाका हो गया।

हमले का मुख्य निशाना

यह आत्मघाती हमला डेरा इस्माइल खान जिले में स्थित सरकार समर्थक सामुदायिक नेता नूर आलम महसूद के आवास पर आयोजित शादी के दौरान किया गया। धमाके के समय घर के भीतर मेहमानों की भारी भीड़ मौजूद थी जो जश्न मना रहे थे और शादी की रस्मों में व्यस्त थे। स्थानीय पुलिस प्रमुख अदनान खान ने पुष्टि की है कि हमलावर ने भीड़ भरे माहौल का फायदा उठाकर खुद को बम से उड़ा लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों का बयान

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब लोग शादी में संगीत पर नाच रहे थे और खाने का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद वहां चीख-पुकार मच गई और पूरे परिसर में धुएं का गुबार और चारों ओर खून के धब्बे दिखाई देने लगे। जश्न का माहौल पल भर में मातम में बदल गया और लोग अपने करीबियों की तलाश में इधर-उधर बदहवास होकर भागने लगे।

घायलों की स्थिति

धमाके के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मृतकों व घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घायल 25 लोगों में से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। प्रशासन ने अस्पताल में आपातकाल घोषित कर दिया है और घायलों को सर्वोत्तम इलाज देने के लिए डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है।

TTP पर गहरा शक

इस घातक आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी भी आतंकवादी संगठन ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है लेकिन शक की सुई टीटीपी की ओर है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पिछले कुछ वर्षों से क्षेत्र में सुरक्षा बलों और सरकार समर्थकों को निशाना बनाकर लगातार हमले करता रहा है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस कोण से मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं कि क्या यह हमला टीटीपी का ही काम है।

आतंकी संगठनों का जाल

टीटीपी को अफगान तालिबान का करीबी सहयोगी माना जाता है और साल 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद इसकी ताकत बढ़ी है। अमेरिकी और नाटो सैनिकों के जाने के बाद टीटीपी के कई शीर्ष नेताओं ने पड़ोसी देश अफगानिस्तान में अपने सुरक्षित ठिकाने बना लिए हैं। वहां से ये आतंकवादी समूह पाकिस्तान के भीतर अस्थिरता फैलाने और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की साजिशें रचते रहते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस हमले ने एक बार फिर खैबर पख्तूनख्वा जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और इंटेलिजेंस की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार समर्थक नेताओं को निशाना बनाया जाना यह दर्शाता है कि आतंकवादी स्थानीय समुदायों में डर का माहौल पैदा करना चाहते हैं। स्थानीय निवासियों में इस घटना के बाद काफी आक्रोश है और वे सरकार से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं।

इलाके में तनाव

धमाके के बाद डेरा इस्माइल खान और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है ताकि अन्य खतरे को टाला जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा बलों को देने की अपील की है।

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