पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Khawaja Asif Anti India Statement: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने अमेरिकी और ईरान के बीच सीजफायर की सफलता की उम्मीद जताई है। उन्होंने मुस्लिम दुनिया से इस सीजफायर की रक्षा करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सतर्क रहने की अपील की। ख्वाजा आसिफ ने इस अवसर पर भारत और इजरायल को मुस्लिम दुनिया के सबसे बड़े दुश्मन करार दिया।
ख्वाजा आसिफ का बयान उस समय आया है जब पाकिस्तान की मध्यस्थता से 28 फरवरी से चल रही लड़ाई के बीच बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू हुआ।
नेशनल असेंबली में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने कहा, “अल्लाह करे कि हम शांति और सुलह स्थापित करने में सफल हों। ईरान में सीजफायर बहुत खुशी की बात है, लेकिन मुस्लिम उम्माह को इसे बनाए रखने और शांति के खतरों से सतर्क रहने की जरूरत है। पाकिस्तान इस दिशा में अपनी भूमिका निभा रहा है, क्योंकि इस्लाम शांति और सुलह का पक्षधर है।”
उन्होंने ईरान की उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर देश की नई पहचान बताते हुए कहा कि इजरायल का खतरा अभी टला नहीं है और इसे कम करके नहीं आंकना चाहिए। ख्वाजा आसिफ ने क्षेत्र में शांति बढ़ाने में पाकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका का भी दावा किया। उन्होंने कहा, “खाड़ी के दोनों ओर भाई होने के नाते हम शांति को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। मौजूदा उपलब्धियों ने इस्लामाबाद को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है।”
उन्होंने इजरायल के बढ़ते प्रभाव के प्रति इस्लामी दुनिया को आगाह करते हुए कहा कि इसका प्रभाव यूरोप, अमेरिका और अरब जगत में फैल चुका है, और पाकिस्तान के पास इसका विरोध करने में नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर है।
वहीं, भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने कहा, “मुस्लिमों का स्पष्ट दुश्मन दक्षिण एशिया में भारत और खाड़ी क्षेत्र में इजरायल है।” ख्वाजा आसिफ पाकिस्तान के सीनियर नेताओं में शुमार हैं, लेकिन उनके बयान अक्सर विवादित रहते हैं। पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान के चार दिन के संघर्ष के बाद से ख्वाजा आसिफ ने भारत के खिलाफ कई बार आक्रामक टिप्पणियां दी हैं।
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पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने भी अमेरिका-ईरान युद्धविराम को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक सम्मान और पूरे पाकिस्तानी राष्ट्र के लिए गर्व का पल है। पाकिस्तान की सच्ची कोशिशें रंग लाई हैं और युद्धविराम इसकी पुष्टि करता है।”