डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Threat Iran on Hormuz: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि युद्धविराम का पालन नहीं किया गया तो अमेरिका द्वारा पहले से भी बड़ा हमला किया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैनिक फिलहाल ईरान के आसपास तैनात हैं और जब उन्हें लगेगा कि ईरान समझौते का पालन नहीं कर रहा, हमला तुरंत शुरू कर दिया जाएगा।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने से इनकार कर दिया है। ईरान का दावा है कि युद्धविराम की शर्तों के तहत केवल उसके ही नहीं, बल्कि लेबनान में भी हमले रोकने पर सहमति बनी थी। लेकिन इजरायल ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया और युद्धविराम लागू होने के कुछ ही घंटों बाद लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई हमले किए।
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी सैनिकों ने अपने गोला-बारूद को फिर से भर लिया है और हमले व विजय के लिए तैयार हैं। सभी सैनिक तब तक ईरान के आसपास रहेंगे जब तक वास्तविक समझौता लागू नहीं हो जाता। उनका संदेश था, “अमेरिका वापस आ गया है।”
यह धमकी शनिवार को प्रस्तावित सीजफायर मीटिंग से ठीक पहले दी गई है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कैरोलाइन लैविट के अनुसार इस बैठक का आयोजन इस्लामाबाद, पाकिस्तान में होगा। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मीटिंग का नेतृत्व करेंगे, जबकि ईरान की तरफ से संसद के स्पीकर गालिबफ बैठक की अगुवाई कर सकते हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी इसमें शामिल होंगे।
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दूसरी तरफ, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि छह हफ्तों तक चले संघर्ष में इजराइल ने कई अहम लक्ष्य हासिल किए हैं और अब वह पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है। हालांकि कुछ उद्देश्य अभी भी अधूरे हैं। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बाद अपनी पहली प्रेस ब्रीफिंग में नेतन्याहू ने कहा, “हमारे कुछ लक्ष्य अभी बाकी हैं और हम उन्हें हासिल करेंगे चाहे समझौते के जरिए या फिर दोबारा लड़ाई करके।”