पाकिस्तान बेचेगा इंडोनेशिया को 40 फाइटर जेट, अर्थव्यवस्था बचाने के लिए किलर ड्रोन की बड़ी डील शुरू

Pakistan Indonesia Deal: पाकिस्तान इंडोनेशिया को 40 JF-17 फाइटर जेट और किलर ड्रोन बेचने की तैयारी में है। साथ ही वह लीबिया और बांग्लादेश के रक्षा बाजार पर भी कब्जा करने की योजना बना रहा है।
Pakistan to Sell 40 JF-17 Fighter Jets and Killer Drones to Indonesia Amid Economic Crisis
पाकिस्तान इंडोनेशिया समझौता (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pakistan JF-17 sale to Indonesia 2026: आर्थिक तंगहाली और भारी विदेशी कर्ज से जूझ रहा पाकिस्तान अब अपनी डूबती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए हथियारों के व्यापार का सहारा ले रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के बीच 40 से अधिक JF-17 लड़ाकू विमानों और उन्नत 'किलर ड्रोन' को लेकर एक बड़ा रक्षा समझौता होने वाला है।

इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय वार्ता चल रही है। पाकिस्तान का लक्ष्य इस रक्षा निर्यात के जरिए विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाना और वैश्विक हथियार बाजार में अपनी पैठ बनाना है।

इंडोनेशिया के साथ बड़ी डील

इंडोनेशिया अपनी वायु सेना के पुराने हो चुके विमानों को बदलने के लिए एक किफायती विकल्प की तलाश में है, जिसे पाकिस्तान और चीन द्वारा निर्मित JF-17 पूरा करता है। जकार्ता 40 से ज्यादा जेट्स खरीदने पर विचार कर रहा है, क्योंकि एक JF-17 यूनिट की कीमत मात्र 25 से 30 मिलियन डॉलर के बीच है। यह कीमत पश्चिमी देशों के फाइटर जेट्स की तुलना में काफी कम है, जो इंडोनेशिया के रक्षा बजट के अनुकूल बैठती है।

किलर ड्रोन की आपूर्ति

विमानों के साथ-साथ पाकिस्तान इंडोनेशिया को निगरानी और सटीक हमले करने में सक्षम 'किलर ड्रोन्स' बेचने की भी तैयारी कर रहा है। इन ड्रोन्स की मांग दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ रही है और पाकिस्तान इसे भुनाने की कोशिश में है ताकि रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाया जा सके। इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर बातचीत अब एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी है।

विशेषज्ञों की गंभीर आशंकाएं

रक्षा विशेषज्ञ इस डील की सफलता और पाकिस्तान के दावों पर सवाल उठा रहे हैं, विशेषकर मई 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष के बाद। उस संघर्ष में पाकिस्तान ने कथित तौर पर अपने 6 से 9 लड़ाकू विमान गंवा दिए थे, जिससे JF-17 की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े हो गए हैं। आलोचकों का मानना है कि जो विमान अपनी सुरक्षा नहीं कर सके, उन्हें विदेशी बाजार में बेचना पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

विस्तारित बाजार पर नजर

पाकिस्तान केवल इंडोनेशिया तक सीमित नहीं है, बल्कि वह लीबिया और बांग्लादेश जैसे देशों के साथ भी बड़े रक्षा सौदे करने की फिराक में है। लीबियाई नेशनल आर्मी के साथ पहले ही 4 अरब डॉलर का समझौता हो चुका है, जो पाकिस्तान के रक्षा इतिहास में एक बड़ा आंकड़ा है। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद सुधरते रिश्तों को देखते हुए पाकिस्तान वहां भी सुपर मुशक ट्रेनर जेट्स बेचने की कोशिश कर रहा है।

कर्ज का बोझ और कमाई

हालांकि पाकिस्तान को इन सौदों से अरबों डॉलर मिलने की उम्मीद है, लेकिन आर्थिक जानकारों का मानना है कि यह राशि उसके विशाल कर्ज के सामने बहुत कम है। पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और अन्य देशों का जो कर्ज है, उसे उतारने के लिए केवल हथियारों की बिक्री पर्याप्त नहीं होगी। इसके बावजूद, सेना के नेतृत्व में पाकिस्तान अपनी पूरी ताकत रक्षा उद्योग को एक स्थायी राजस्व स्रोत बनाने में लगा रहा है।

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