पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan Mediation US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान (Pakistan) की असली तस्वीर दुनिया के सामने आ गई है। यह पता चला है कि इस डील के बहाने पाकिस्तानी जनरल आसिम मुनीर ने अमेरिका में मौजूद पाकिस्तान के न्यूयॉर्क स्थित रूजबेल्ट हाउस को बेचने का प्रयास किया है, जिसके लिए यह बताया जा रहा है कि मुनीर को मोटी कमीशन मिल रही है। हालांकि, इस मुद्दे पर अमेरिका ने यह साफ नहीं किया है कि उसने पाकिस्तान के साथ किन शर्तों पर रूजबेल्ट हाउस का सौदा किया है।
पाकिस्तान की मुसीबत यहीं नहीं रुकी है। संयुक्त अरब अमीरात ने उसे दिए गए 3.5 बिलियन डॉलर की रकम भी वापस मांग ली है, जो यह बताता है कि संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान के साथ संबंध पूरी तरह तोड़ने की तैयारी कर ली है। संयुक्त अरब अमीरात का मानना है कि एक तरफ पाकिस्तान उनसे मुस्लिम ब्रदरहुड के नाम पर पैसे लेता रहता है, वहीं दूसरी ओर वह अमेरिका से लेकर ईरान तक से पैसे बनाने का काम कर रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात की इस मांग से पाकिस्तान (Pakistan) की स्थिति और दयनीय हो गई है। इसकी वजह यह है कि उसका खजाना खाली है और वह अपनी अर्थव्यवस्था चलाने के लिए दुनिया से पैसे मांग रहा है। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात की यह मांग उसके लिए “कंगाली में आटा गीला” जैसी स्थिति पैदा कर रही है।
यह सामने आया है कि पाकिस्तानी जनरल मुनीर ने अमेरिका-ईरान युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के बहाने अमेरिका में स्थित पाकिस्तान की संपत्ति रूजबेल्ट हाउस को बेचने की तैयारी कर ली है। मुनीर अमेरिका के साथ इस संपत्ति का सौदा कर मोटी कमीशन हासिल करना चाहता है। उसे यह भरोसा है कि मध्यस्थ की भूमिका के नाम पर उसे पाकिस्तान के अंदर काफी सम्मान मिलेगा, और ऐसे में किसी को यह शक नहीं होगा कि वह न्यूयॉर्क में स्थित पाकिस्तान की इस संपत्ति को बेचकर मुनाफा कमाना चाहता है।
अमेरिका में स्थित पाकिस्तान (Pakistan) का रूजबेल्ट हाउस काफी अहम जगह पर स्थित है। इसके चारों ओर ऑफिस एरिया है और यह एक व्यावसायिक इलाका है, जहां प्रॉपर्टी के दाम काफी ऊंचे हैं। पाकिस्तान का यह रूजबेल्ट हाउस कई फिल्मों में भी दिखाई दे चुका है, लेकिन अब इसकी हालत जर्जर हो गई है। ऐसे में पाकिस्तान इस संपत्ति को बेचकर अपना कुछ कर्ज चुकाना चाहता है। जनरल मुनीर भी ऐसे में लाभ कमाने के लिए इसे किसी भी हालत में अमेरिका को बेचना चाहता है, ताकि उसे मोटी कमीशन मिल सके।
हालांकि, जनरल मुनीर की यह योजना सबसे पहले अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानियों को पता चली, जिसके बाद पाकिस्तान में भी लोगों को इसकी जानकारी हो गई। इसके चलते पाकिस्तान से लेकर अमेरिका तक यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के लिए संयुक्त अरब अमीरात ने भी मुश्किल खड़ी कर दी है। उसने पाकिस्तान को दिए गए 3.5 बिलियन डॉलर वापस मांग लिए हैं, जो यह संकेत देता है कि उसने पाकिस्तान से रिश्ते खत्म करने का मन बना लिया है।
लेकिन इससे भी खास बात यह है कि पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात को भरोसा दिलाया है कि वह उसका पैसा वापस कर देगा। यह दावा ऐसे समय में किया गया है, जब पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था चलाने के लिए दुनिया से आर्थिक मदद मांग रहा है।
पाकिस्तान के कुछ आर्थिक विशेषज्ञों और सेना से जुड़े लोगों का कहना है कि पाकिस्तान ने भी संयुक्त अरब अमीरात की पहले मदद की है। उनका दावा है कि जब संयुक्त अरब अमीरात एक देश के रूप में विकसित हो रहा था, तब पाकिस्तान ने उसकी मदद की थी और वहां की सेना को प्रशिक्षण दिया था। इसलिए यदि अब यूएई पैसा मांग रहा है, तो पाकिस्तान उसे लौटाने को तैयार है।
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हालांकि, पाकिस्तान के पूर्व अधिकारियों और विशेषज्ञों के इन तर्कों को खाड़ी देशों के नागरिक सही नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान पहले खाड़ी देशों से आर्थिक मदद मांगता है और फिर इस तरह के तेवर दिखाता है, जो उसके व्यवहार पर सवाल खड़े करता है।