UAE का कंगाल पाकिस्तान को अल्टीमेटम, 17 अप्रैल तक लौटाना होगा 2 बिलियन डॉलर का कर्ज, नहीं तो...

UAE-Pakistan Loan: यूएई ने पाकिस्तान को 17 अप्रैल तक 2 बिलियन डॉलर का कर्ज लौटाने का अल्टीमेटम दिया है। आर्थिक तंगी और मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच यूएई के इस कड़े रुख ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं
UAE Demands 2 Billion Dollar Loan Repayment Pakistan
यूएई ने पाकिस्तान से 2 बिलियन डॉलर का कर्ज लौटाने का कहा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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UAE Demands 2 Billion Dollar Loan Repayment Pakistan: पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एक तगड़ा झटका लगा है। यूएई ने पाकिस्तान पर कर्ज लौटाने का दबाव बढ़ा दिया है। साल 2018 में यूएई ने पाकिस्तान को 2 बिलियन डॉलर का लोन दिया था, और पाकिस्तान इस कर्ज पर हर साल 130 मिलियन डॉलर का ब्याज चुका रहा था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह एक बहुत बुरी खबर है। 

पाकिस्तान अक्सर मध्य पूर्व के देशों और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज लेकर अपने आर्थिक संकट को संभालने की कोशिश करता रहा है। इन दिनों ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिए मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, UAE का रुख इस संघर्ष को जारी रखने का रहा है, और वह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के ईरान पर बड़े हमले के पक्ष में है, जिससे पाकिस्तान के प्रयासों को चुनौती मिल रही है।

UAE ने पाकिस्तान पर बढ़ाया दबाव

UAE ने पाकिस्तान पर कर्ज लौटाने का दबाव बढ़ा दिया है। पाकिस्तान 2018 में 2 बिलियन डॉलर के लोन पर हर साल 130 मिलियन डॉलर का ब्याज चुका रहा था। बाद में, यूएईने ब्याज दर 3% से बढ़ाकर 6.5% कर दी। अब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग के बीच यूएई ने पाकिस्तान से यह कर्ज तुरंत वापस करने को कहा है। UAE ने पाकिस्तान को 17 अप्रैल तक 2 बिलियन डॉलर की पूरी रकम लौटाने की चेतावनी दी है।

मिडिल ईस्ट में तनाव जारी

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद, मध्य पूर्व के कई हिस्से जंग की चपेट में आ गए हैं। जहां अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी इजरायल और पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस युद्ध में ईरान के प्रॉक्सी समूह हिजबुल्लाह और हूती भी सक्रिय हो गए हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

पाकिस्तान की शांति प्रयासों में विफलता

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता कराने में विफल हो रहा है, और इस मामले में रूस ने अपनी भूमिका बढ़ा दी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद शांति प्रयासों की कमान संभाल ली है। पुतिन के प्रेस सचिव दमित्री पेस्कोव ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए रूस हर संभव कदम उठाएगा, और राष्ट्रपति खुद इस योजना पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

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