ऑपरेशन सिंदूर ने रोक दी थी PAK की सांसे! 66 बार अमेरिका से लगाई गुहार, कॉल-ईमेल डिटेस से हुआ खुलासा
Pakistan US News: पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में 9 आतंकवादी ठिकाने नष्ट किए, पाकिस्तान अमेरिकी हस्तक्षेप के लिए लगातार 66 बार अधिकारियों और सांसदों से संपर्क करता रहा।
- Written By: अक्षय साहू
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने 66 बार अमेरिका से गई गुहार (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Pakistan Conflict: पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा पहलगाम में आतंकी हमला करने के बाद, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। यह भारत का आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा और निर्णायक जवाब था, जिसके बाद पाकिस्तान को गहरा आघात पहुंचा। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।
हालांकि, पाकिस्तान इस हमले के बाद बचने के लिए कोई रास्ता तलाश रहा था और उसने अपनी फरियाद लेकर अमेरिका का दरवाजा खटखटाया। नए सबूतों से यह सामने आया है कि पाकिस्तान के राजनयिकों और डिफेंस अटैची ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिका से हस्तक्षेप की बार-बार गुजारिश की थी।
66 बार अमेरिका से लाई सीजफायर की गुहार
वाशिंगटन में पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने 60 से अधिक बार अमेरिकी अधिकारियों और सांसदों से मुलाकात करने का अनुरोध किया। इनमें से 66 बैठकें हुईं, जिनमें पाकिस्तान ने भारत के सैन्य अभियान को रोकने की कोशिश की। इन दस्तावेजों से यह साबित होता है कि पाकिस्तान भारतीय सेना के हमले से हताश था और अमेरिकी मदद की उम्मीद कर रहा था।
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इन दस्तावेजों के सामने आने यह भी साबित हो गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पास भारतीय हमले का कोई जबाव नहीं था। इसके अलावा भारत ने चीनी डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया था।
लॉबिंग के लिए बहाए करोड़ो डाॅलर
इसके अलावा, नवंबर 2025 में न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट दी थी कि पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपने हितों को जल्दी पहुंचाने के लिए 6 लॉबिंग फर्मों से अनुबंध किए थे। इन अनुबंधों के तहत पाकिस्तान ने 5 मिलियन डॉलर प्रति वर्ष की राशि चुकाई थी। पाकिस्तान ने इसके बाद व्हाइट हाउस में अपने सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर, को ट्रंप से मिलने का अवसर भी दिया था।
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यह जानकारी यह भी दर्शाती है कि पाकिस्तान की रणनीति यह थी कि वह अमेरिका से भारत के खिलाफ हस्तक्षेप कराने का प्रयास करे। इस दौरान पाकिस्तान ने कई बार अमेरिकी सांसदों और मीडिया से संपर्क किया था, ताकि ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाया जा सके और अपनी स्थिति को मजबूत किया जा सके। यह पूरी स्थिति पाकिस्तान के आतंकवाद के समर्थन को लेकर उसकी वैश्विक छवि पर सवाल उठाती है।
