ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Bangladesh Relations: बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के बीच भारत ने पड़ोसी देश के साथ अपने संबंधों को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 17 फरवरी 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान से ढाका में मुलाकात की। यह मुलाकात बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की करीब दो दशक बाद सत्ता में वापसी के ऐतिहासिक अवसर पर हुई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार को ढाका के जतिया संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बने। चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने के बाद तारिक रहमान ने आज प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। भारत की ओर से ओम बिरला की उपस्थिति यह दर्शाती है कि नई दिल्ली, बांग्लादेश की लोकतांत्रिक स्थिरता को कितनी अहमियत देती है।
मुलाकात के दौरान ओम बिरला ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजा गया एक व्यक्तिगत बधाई पत्र सौंपा। इस पत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग और मित्रता की भावना को रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही, बिरला ने रहमान को भारत की आधिकारिक यात्रा के लिए औपचारिक निमंत्रण भी दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में होने वाली यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
Just concluded a constructive meeting with Prime Minister of Bangladesh @trahmanbnp I handed over a personal letter from Prime Minister @narendramodi conveying his wishes to PM Rahman and inviting him to visit India at the earliest convenience. I extended warm congratulations… pic.twitter.com/gFNqLmnxsT — Om Birla (@ombirlakota) February 17, 2026
मुलाकात के बाद ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत हमेशा बांग्लादेश के एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी राष्ट्र बनने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है। गौर करने वाली बात यह है कि तारिक रहमान की नई सरकार में समावेशिता का संदेश देते हुए एक हिंदू और एक बौद्ध मंत्री को भी जगह दी गई है।
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दोनों नेताओं के बीच हुई इस शिष्टाचार मुलाकात में भविष्य के रोडमैप पर भी चर्चा हुई। उन्होंने भारत और बांग्लादेश के लोगों के कल्याण के लिए निकट सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। आगामी दिनों में दोनों देश व्यापार, सुरक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे जन-केंद्रित एजेंडे पर मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध दिखे। हालांकि, इसी बीच रिपोर्ट्स यह भी आ रही हैं कि सत्ता संभालते ही तारिक रहमान ने ‘जुलाई चार्टर’ से किनारा करना शुरू कर दिया है, जो आने वाले समय में वहां की आंतरिक राजनीति को प्रभावित कर सकता है।