निज्जर मर्डर केस में बड़ा खुलासा, हत्या से पहले रेगुलर कनाडाई खूफिया एजेंसी अधिकारियों से करता था मुलाकात

हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड मामले में एक नया खुलासा हुआ है। कनाडाई प्रेस के एक वेबसाइट के मुताबिक, निज्जर के बेटे ने कहा कि पिछले साल जून में बीसी में गोली मारकर हत्या किए जाने से पहले उनके पिता नियमित रूप से कनाडाई खुफिया अधिकारियों से मिलते थे।
निज्जर मर्डर केस में बड़ा खुलासा, हत्या से पहले रेगुलर कनाडाई खूफिया एजेंसी अधिकारियों से करता था मुलाकात
खालिस्तानी हरिदीप सिंह निज्जर की प्रोफाइल तस्वीर
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ओटावा: सिख समुदाय के नेता और भारत घोषित आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड मामले में एक नया खुलासा हुआ है। कनाडाई प्रेस के एक वेबसाइट के मुताबिक, निज्जर के बेटे ने कहा कि पिछले साल जून में बीसी में गोली मारकर हत्या किए जाने से पहले उनके पिता नियमित रूप से कनाडाई खुफिया अधिकारियों से मिलते थे। बता दें कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या को भारत से विश्वसनीय रूप से जोड़ा है।

21 वर्षीय बलराज सिंह निज्जर ने बताया कि उनके पिता कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) के अधिकारियों से सप्ताह में एक या दो बार मिलते थे, जिसमें 18 जून की हत्या से एक या दो दिन पहले भी शामिल थे। उनकी मौत के दो दिन बाद एक और बैठक निर्धारित थी।

बलराज ने एक साक्षात्कार में कहा कि उसके पिता और कनाडाई खूफिया ऐजेंसी के अधिकारियों के बीच बैठक की शुरुआत उसी साल फरवरी में शुरू हुई थी और उसके अगले तीन या चार महीनों में मुलाकात का सिलसिला बढ़ गया था।

निज्जर को घर में रहने की दी गई थी सलाह

बलराज निज्जर ने कहा कि उन्होंने पिछले साल अपने पिता और आरसीएमपी के बीच एक बैठक में भी भाग लिया था। जिसमें उन्हें निज्जर की जान को खतरे के बारे में बताया गया था। उन्होंने कहा कि उनके पिता को घर पर रहने की सलाह दी गई थी।

कौन था हरदीप सिंह निज्जर

हरदीप सिंह निज्जर खालिस्तान आंदोलन के मुखर समर्थक था, जो भारत के पंजाब क्षेत्र को एक अलग देख घोषित करने का मांग करता था। निज्जर को साल 2023 में जून में बीसी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं ट्रूडो ने संसद को बताया कि खुफिया सेवाएं भारत सरकार और हत्या के बीच संभावित संबंध के बारे में विश्वसनीय जानकारी की जांच कर रही हैं।

भारत ने बेबुनियाद बताया

दूसरी ओर टूडों के इन आरोपों को भारत सरकार ने बेतुका और राजनीति से प्रेरित बताते हुए नकार दिया है। बलराज सिंह निज्जर ने कहा कि पिछले कुछ सालों में उनके पिता को सैकड़ों धमकी भरे संदेश मिले थे। जिसमें उन्हें सिख स्वतंत्रता के लिए अपनी वकालत बंद करने के लिए कहा गया है।

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