
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति मादुरो का 'ॐ' कनेक्शन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nicolas Maduro follower of Sathya Sai Baba: वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की अमेरिका द्वारा गिरफ्तारी के बाद अब उनका एक बेहद चौंकाने वाला आध्यात्मिक पक्ष दुनिया के सामने आया है। एक कट्टर कैथोलिक ईसाई देश के प्रमुख होने के बावजूद, मादुरो और उनकी पत्नी का भारत की सनातनी परंपरा और आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा से गहरा और अटूट रिश्ता रहा है।
मादुरो न केवल ‘ॐ’ के प्रतीक चिह्न को ब्रह्मांड की शक्ति के रूप में सम्मान देते थे, बल्कि उन्होंने वेनेजुएला के सरकारी निमंत्रण पत्रों पर भी इस वैदिक शब्द को स्थान दिया था। यह जुड़ाव दर्शाता है कि सत्ता की कठोर राजनीति के पीछे मादुरो परिवार पुट्टपर्थी के सत्य साईं बाबा के शांति संदेशों और भारतीय आध्यात्मिकता का अनन्य अनुयायी रहा है।
वेनेजुएला के वर्ष 2024 के राष्ट्रीय दिवस समारोह के निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं, क्योंकि इनके दोनों सिरों पर सनातनी प्रतीक ‘ॐ’ अंकित था। ‘ॐ’ को सनातन धर्म में सृष्टि की मूल ध्वनि और ईश्वर का निराकार स्वरूप माना जाता है, जिसे एक ईसाई बहुल देश द्वारा अपनाना मादुरो के सनातनी झुकाव को दर्शाता है। वेनेजुएला में हिंदू आबादी 2,000 से भी कम होने के बावजूद, वहां की सरकार ने इस वैदिक प्रतीक को आधिकारिक गौरव प्रदान किया, जो वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति की गूंज का प्रमाण है।
निकोलस मादुरो का सनातन धर्म से यह परिचय उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के माध्यम से हुआ था, जिन्होंने उन्हें भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा के बारे में बताया था। वर्ष 2005 में, राष्ट्रपति बनने से पहले, यह जोड़ा आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित प्रशांति निलयम आश्रम पहुंचा था और साईं बाबा के चरणों में बैठकर आशीर्वाद लिया था। मादुरो ने बाबा को हमेशा ‘प्रकाश का स्वरूप’ माना और 2011 में उनके निधन पर वेनेजुएला की नेशनल असेंबली में आधिकारिक शोक प्रस्ताव भी पारित करवाया था।
सिर्फ मादुरो ही नहीं, बल्कि वेनेजुएला की नवनियुक्त अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज का भी भारत और सत्य साईं बाबा से बेहद करीबी रिश्ता सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के अनुसार, डेल्सी रोड्रिग्ज पिछले साल ही आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी आश्रम की यात्रा पर आई थीं और वे बाबा की शिक्षाओं का पालन करती हैं। पुट्टपर्थी का यह आश्रम न केवल मादुरो परिवार बल्कि वेनेजुएला की वर्तमान सत्ता के शीर्ष नेतृत्व के लिए भी शांति और अध्यात्म का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।
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वेनेजुएला के इस आध्यात्मिक पक्ष ने वैश्विक विश्लेषकों को हैरान कर दिया है क्योंकि ड्रग तस्करी और मानवाधिकारों के आरोपों में घिरे मादुरो का यह पहलू उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व से बिल्कुल अलग है। पुट्टपर्थी के सत्य साईं बाबा के अनुयायियों में सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज शामिल हैं, और अब वेनेजुएला के दो राष्ट्रपतियों का नाम इस सूची में जुड़ना भारत की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाता है। वर्तमान राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, मादुरो की यह सनातनी आस्था उनके समर्थकों के लिए एक भावनात्मक मुद्दा बन गई है, जो उन्हें एक धार्मिक और शांतिप्रिय व्यक्ति के रूप में देखते हैं।
Ans: वे आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित 'प्रशांति निलयम' आश्रम से जुड़े हैं और सत्य साईं बाबा के अनन्य अनुयायी हैं।
Ans: मादुरो सरकार ने 2024 के राष्ट्रीय दिवस पर सनातनी प्रतीक 'ॐ' का उपयोग किया था, क्योंकि मादुरो इसे ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानते थे।
Ans: जी हां, अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज भी सत्य साईं बाबा की अनुयायी हैं और वह पिछले साल पुट्टपर्थी आश्रम की यात्रा पर आई थीं।
Ans: वेनेजुएला एक कैथोलिक ईसाई देश है, जहां हिंदू आबादी बहुत कम है, अनुमान के मुताबिक वहां 2,000 से भी कम हिंदू रहते हैं।






