
न्यूयॉर्क में नर्सों की हड़ताल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
New York Nurses Strike News In Hindi: न्यूयॉर्क शहर इन दिनों सर्दियों की सबसे भीषण ठंड की चपेट में है। तापमान शून्य से नीचे गिरकर -7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद, शहर के इतिहास की सबसे बड़ी नर्सों की हड़ताल लगातार जारी है। तीन अलग-अलग अस्पताल नेटवर्क से जुड़ी लगभग 15,000 नर्सें 12 जनवरी से कामकाज ठप कर हड़ताल पर बैठी हैं।
हड़ताल कर रही नर्सों को राजनीतिक नेतृत्व का भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। मंगलवार को न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान मामदानी और वर्मोंट के सीनेटर बर्नी सैंडर्स माउंट सिनाई अस्पताल के बाहर नर्सों के साथ पिकेट लाइन में शामिल हुए। मेयर मामदानी ने कहा कि हड़ताल किसी भी श्रमिक के लिए आखिरी विकल्प होती है और यह सम्मानजनक जीवन व सुरक्षित कार्य परिस्थितियों की लड़ाई है।
वहीं, सीनेटर सैंडर्स ने स्वास्थ्य सेवा उद्योग की ‘लालच’ पर निशाना साधते हुए कहा कि आम जनता अब दवा कंपनियों और अस्पताल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे शोषण से परेशान हो चुकी है।
नर्सों की प्रमुख मांगों में अस्पतालों में स्टाफ की संख्या बढ़ाना, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं। न्यूयॉर्क स्टेट नर्स एसोसिएशन ने अस्पतालों के शीर्ष अधिकारियों को मिलने वाले भारी वेतन पैकेज पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि न्यूयॉर्क-प्रेसबिटेरियन के सीईओ को सालाना लगभग 26 मिलियन डॉलर, जबकि मोंटेफियोर अस्पताल के सीईओ को 16 मिलियन डॉलर का भुगतान किया जाता है।
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नर्सों का कहना है कि वे काम पर लौटने के लिए तैयार हैं लेकिन असुरक्षित माहौल में नहीं। वर्षों से सेवा दे रहीं नर्स अरेथा मॉर्गन के अनुसार, अस्पतालों में हिंसा की घटनाएं चिंताजनक स्तर तक बढ़ गई हैं। उन्होंने नवंबर की एक घटना का ज़िक्र किया जब अस्पताल में गोलीबारी की धमकी दी गई थी। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने नर्सों की मांगों को ‘अत्यधिक खर्चीली’ और ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया है।
मेयर मामदानी और न्यूयॉर्क की गवर्नर के हस्तक्षेप के बाद, अस्पताल प्रबंधन और नर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के गुरुवार को एक बार फिर बातचीत शुरू करने की संभावना है। फिलहाल, अस्पतालों ने सेवाएं जारी रखने के लिए अस्थायी नर्सों की नियुक्ति पर करोड़ों डॉलर खर्च किए हैं, जिसे हड़ताल पर बैठी नर्सों ने निराशाजनक कदम बताया है।






