‘सुशीला कार्की नहीं, ये नेता बनें देश के प्रधानमंत्री’, नेपाली जनता ने उठाई अपनी मांग
Nepal Political Crisis: नेपाल इस समय गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है ऐसी स्थिति में सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने की अटकलें तेज़ हो गई हैं। हालांकि, आम जनता का कहना है कि वे...
- Written By: अमन उपाध्याय
नेपाली जनता ने PM को लेकर उठाई अपनी मांग, फोटो (सो. आईएएनएस)
Sushila Karki Interim Prime Minister: नेपाल में जारी राजनीतिक संकट और जनरेशन-ज़ेड के बढ़ते प्रदर्शनों के बीच सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस मुद्दे पर आम जनता की राय बंटी हुई नज़र आ रही है। एक स्थानीय निवासी ने आईएएनएस से कहा कि सुशीला कार्की इस पद के लिए सही विकल्प नहीं हैं, क्योंकि वह पहले भी कई विवादों से जुड़ी रही हैं। लोग उन्हें पसंद नहीं करते और चाहते हैं कि नई पीढ़ी से कोई नेता प्रधानमंत्री बने। हमारी पसंद बालेंद्र शाह जैसे युवा नेता हैं। वहीं, एक अन्य नागरिक का कहना था, “हम सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री पद पर नहीं देखना चाहते। हमारी मांग है कि बालेंद्र शाह या नई सोच वाले किसी युवा नेता को यह जिम्मेदारी दी जाए।”
नेपाल के एक नागरिक ने कहा कि इस कठिन समय में हमें व्यक्ति से ऊपर देश को रखना होगा। प्रधानमंत्री कोई भी हो, लेकिन निर्णय केवल राष्ट्रहित और जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। इसी बीच, रैपर से राजनेता बने काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह ने अंतरिम सरकार के गठन की तैयारियों के बीच बुधवार को जनता से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की।
बालेंद्र शाह ने दिया अंतरिम सरकार को समर्थन
उन्होंने सोशल मीडिया पर जेनरेशन ज़ेड और देशवासियों को संबोधित करते हुए माना कि नेपाल इस समय एक अभूतपूर्व राजनीतिक दौर से गुजर रहा है। शाह ने नए चुनावों की निगरानी के लिए कार्यवाहक प्रशासन बनाए जाने का समर्थन किया। बालेंद्र शाह ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाने के प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे युवाओं की परिपक्वता व समझदारी का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की जागरूकता, विवेक और एकता सम्मान के योग्य है।
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न करें नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने की जल्दबाजी
शाह ने महत्वाकांक्षी नेताओं को आगाह किया कि वे नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने की जल्दबाजी न करें। उनके जोश और समर्पण की जरूरत लंबे समय तक चलने वाले बदलावों के लिए है, न कि केवल अस्थायी व्यवस्थाओं के लिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव अवश्य होंगे, इसलिए धैर्य बनाए रखना चाहिए।
(आईएएनएस इनपुट के साथ)
