NASA रचेगा इतिहास: पहली बार चंद्रमा पर iPhone लेकर जाएंगे अंतरिक्ष यात्री, चांद से शेयर करेंगे यादगार पल
Iphone In Space Mission: नासा के आर्टेमिस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री पहली बार चंद्रमा पर आईफोन लेकर जाएंगे। इससे वे ऐतिहासिक पलों की तस्वीरें और वीडियो दुनिया व अपने परिवारों के साथ साझा कर सकेंगे।
- Written By: अमन उपाध्याय
चांद पर आईफोन लेके जाएंगे अंतरिक्ष यात्री, फोटो (सो. एआई)
NASA Artemis Mission Hindi News: अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया और अनोखा अध्याय जुड़ने जा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर स्मार्टफोन ले जाने की अनुमति दी है। अब तक के अंतरिक्ष अभियानों में व्यक्तिगत मोबाइल फोन ले जाने पर पाबंदी थी लेकिन आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत चंद्रमा पर जाने वाले वैज्ञानिकों की अगली खेप अपने साथ आईफोन लेकर जाएगी।
क्यों खास है यह फैसला?
वैज्ञानिकों की यह टीम इसी महीने चंद्रमा की यात्रा पर रवाना होने वाली है। इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री न केवल वैज्ञानिक शोध करेंगे, बल्कि आईफोन के आधुनिक कैमरों का उपयोग करके चंद्रमा की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें खींचेंगे और वीडियो बनाएंगे। इस कदम से वे अपनी ऐतिहासिक यात्रा के प्रेरक पलों को पूरी दुनिया और अपने परिवारों के साथ साझा कर सकेंगे।
नासा के प्रशासक जेर्ड आईजैकमैन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस जानकारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि क्रू मेंबर्स को यह खास iPhone इसलिए दिया जा रहा है ताकि वे अंतरिक्ष से सीधे तौर पर अपनों से जुड़ सकें और प्रेरणादायक कंटेंट साझा कर सकें।
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पहली बार रहा स्मार्टफोन का उपयोग
नासा की प्रवक्ता बेथनी स्टीवेन्स के अनुसार, नासा के आधिकारिक मिशन में स्मार्टफोन का उपयोग ‘पहली बार’ हो रहा है। हालांकि, कॉमर्शियल स्पेस फ्लाइट्स में पिछले एक दशक से स्मार्टफोन का उपयोग किया जा रहा है लेकिन सरकारी अंतरिक्ष अभियानों में इसके लिए कड़े मानकों को पूरा करना आवश्यक था।
आईजैकमैन ने खुद 2024 में एक कॉमर्शियल स्पेस फ्लाइट के दौरान स्मार्टफोन का उपयोग किया था। उन्होंने बताया कि इस आधुनिक हार्डवेयर को अंतरिक्ष उड़ान के योग्य बनाने के लिए लंबे समय से चली आ रही जटिल प्रक्रियाओं को चुनौती दी गई और त्वरित समयसीमा में इसे तैयार किया गया।
कमर्शियल प्रोडक्ट का चयन
अंतरिक्ष मिशनों के दौरान किसी भी कमर्शियल प्रोडक्ट का इस्तेमाल होना एक बहुत ही दुर्लभ मामला माना जाता है। अंतरिक्ष के चुनौतीपूर्ण वातावरण में किसी भी उपकरण को भेजने से पहले उसके परीक्षण के मानक बहुत कठिन होते हैं। इससे पहले, अपोलो मिशन के दौरान ‘ओमेगा स्पीडमास्टर प्रोफेशनल’ घड़ी का उपयोग किया गया था जो चंद्रमा पर पहनी गई पहली घड़ी बनी थी।
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अब, आईफोन भी उसी गौरवशाली सूची में शामिल होने जा रहा है। नासा ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को भी अंतरिक्ष यात्रा के लिए मान्यता दी जा सकती है।
चंद्रमा से लाइव जुड़ाव की ओर कदम
इस पहल का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष अन्वेषण को और अधिक सुलभ और व्यक्तिगत बनाना है। जब वैज्ञानिक आईफोन से तस्वीरें लेंगे तो वे केवल डेटा नहीं बल्कि अपनी भावनाओं और अनुभवों को भी पृथ्वी पर भेज पाएंगे। यह मिशन भविष्य की उन संभावनाओं को भी टटोल रहा है जहाँ आधुनिक गैजेट्स का उपयोग जटिल अंतरिक्ष कार्यों में किया जा सके।
