'मुनीर सेना से गंदगी साफ करो', ISI के पूर्व चीफ की सजा के बाद बोले PAK सांसद, मचा हड़कंप

ISI Former Chief Arrested: पाकिस्तान में ISI के पूर्व चीफ फैज हमीद को 14 साल कैद की सजा दिए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस फैसले के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों की जांचों में एक...
"Munir, clean up the mess with the army," Pak MP says after former ISI chief's sentencing, sparking uproar
असीम मुनीर, पाकिस्तान के आर्मी चीफ, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan News Hindi: पाकिस्तान में इंटेलिजेंस एजेंसी ISI के पूर्व चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को 14 साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद देश की सियासत में भूचाल आ गया है। सैन्य अदालत के इस कदम ने न केवल सेना के भीतर जवाबदेही की नई परिभाषा गढ़ी है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में 9 मई 2023 की हिंसा से जुड़े कई मामलों में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सांसद फैसल वावड़ा ने फैज हमीद को सजा सुनाए जाने का स्वागत करते हुए इसे सिर्फ शुरुआत बताया। वावड़ा ने कहा कि 9 मई दंगों के जिम्मेदार राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अब नए मुकदमे दर्ज हो सकते हैं। उन्होंने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की कार्रवाई को सराहते हुए कहा कि सेना से गंदगी साफ होनी ही चाहिए।

पाकिस्तान आर्मी एक्ट के कई उल्लंघन दर्ज

फैज हमीद को जो सजा सुनाई गई है, वह ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के उल्लंघन रिटायरमेंट के बाद राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने और सेना को अस्थिर करने वाली कार्रवाइयों से जुड़े आरोपों पर आधारित है। पाकिस्तान आर्मी की ओर से जारी बयान में खास तौर पर यह उल्लेख किया गया कि दोषी की मिलीभगत कुछ ऐसे राजनीतिक तत्वों के साथ थी जो अस्थिरता फैलाने और सेना के खिलाफ माहौल बनाने में संलिप्त थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 15 अगस्त 2024 को आईएसपीआर ने पुष्टि की थी कि कुछ रिटायर्ड अफसरों द्वारा अस्थिरता फैलाने की कोशिशों की जांच जारी है। फैज हमीद की गिरफ्तारी के दौरान भी सेना ने बताया था कि उनके खिलाफ पाकिस्तान आर्मी एक्ट के कई उल्लंघन दर्ज हुए हैं।

कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां

9 मई 2023 की हिंसा, जिसमें सैन्य इमारतों और स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया था। उस घटना में भी फैज हमीद की भूमिका की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। आईएसपीआर ने पहले ही संकेत दे दिया था कि हिंसा के इन मामलों में कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां संभव हैं। फैज हमीद पर राजनीतिक दखलअंदाजी के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। 2017 के फैजाबाद धरने में गारंटर की भूमिका निभाने के बाद वे सुर्खियों में आए थे। बाद में PTI सरकार में वे इमरान खान के बेहद करीबी माने गए। कई मामलों में उन्हें किचन कैबिनेट का हिस्सा तक बताया गया। 2020 में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने उन पर सत्ता से हटाए जाने की साजिश रचने का खुला आरोप लगाया था।

राजनीति में आने का निमंत्रण

2022 में रिटायरमेंट के बाद उनकी एक वायरल वीडियो सामने आई जिसमें एक PTI नेता उन्हें राजनीति में आने का निमंत्रण दे रहा था। हालांकि, फैज हमीद ने टीवी इंटरव्यू में साफ कहा था कि वे किसी भी हाल में राजनीति में नहीं आएंगे। मार्च 2024 में उनके भाई नजफ हमीद की भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तारी ने भी उनके परिवार को विवादों में घेर दिया था।

फैज हमीद को सजा मिलने के साथ पाकिस्तान में यह संदेश साफ हो गया है कि सेना आंतरिक सफाई की प्रक्रिया को लेकर बेहद गंभीर है और आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम कानूनी घेरे में आ सकते हैं।

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