मुज्तबा खामेनेई का चेहरा हुआ खराब! अमेरिकी दावे से मचा हड़कंप, आखिर कहां छिपे हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर
Mojtaba Khamenei Injured: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं। हमले में उनका चेहरा भी खराब हो गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
मोजतबा खामेनेई और पीट हेगसेथ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Us Israel Iran War: मध्य-पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और संभव है कि उनका चेहरा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ हो। यह दावा ऐसे समय में आया है जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव अपने चरम पर है।
अमेरिका का सनसनीखेज दावा
हेगसेथ के अनुसार, युद्ध की शुरुआत में हुए एक इजरायली हमले में मुज्तबा खामेनेई के परिवार के कई सदस्य, जिनमें उनके पिता और पत्नी भी शामिल थे मारे गए थे। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने सवाल उठाया है कि क्या खामेनेई इस शारीरिक स्थिति में देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान का नया नेतृत्व ‘डरपोक’ है और छिपकर रह रहा है।
उल्लेखनीय है कि उस घटना के बाद से खामेनेई की कोई नई तस्वीर या वीडियो सार्वजनिक नहीं हुआ है और गुरुवार को उनका बयान भी एक टीवी एंकर द्वारा पढ़कर सुनाया गया था। अमेरिका ने मुज्तबा खामेनेई पर1 करोड़ डॉलर (10 Million Dollars) का इनाम भी घोषित कर रखा है।
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ईरान का पलटवार
हालांकि, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। जापान में ईरान के राजदूत पेमान सादात ने कहा कि मुज्तबा खामेनेई को मामूली चोटें आई थीं लेकिन वे पूरी तरह ठीक हैं और सक्रिय रूप से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उधर, अमेरिका ने पिछले 14 दिनों में ईरान के 6,000 ठिकानों पर हमले किए हैं जिनमें करीब 2,000 लोग मारे गए हैं।
भारत के लिए बड़ी राहत
इस युद्ध के उन्माद के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ी और सुखद खबर आई है। भारत के दो विशाल एलपीजी टैंकर, ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ ने सफलतापूर्वक संवेदनशील होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है। ‘नंदा देवी’ जहाज पर 46,000 मीट्रिक टन गैस लदी हुई है। ईरान ने कूटनीतिक स्तर पर भारत को आश्वासन दिया था कि वह भारतीय जहाजों को नहीं रोकेगा।
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वर्तमान में, ये दोनों जहाज भारतीय नौसेना की निगरानी में अगले 48 से 72 घंटों के भीतर मुंबई या कांडला बंदरगाह पहुंच सकते हैं। गुजरात का कांडला पोर्ट इस समय एक ‘संकटमोचन’ के रूप में उभरा है जहां होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे को देखते हुए 22 अन्य जहाज भी अपनी सुरक्षा के लिए पहुंच रहे हैं। भारत अपने अन्य 28 जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भी ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रहा है
