खत्म होगा रसोई गैस का संकट, 46,000 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत आ रहे दो विशाल जहाज; 48 घंटे में पहुंचेंगे मुंबई

Iran Israel War: ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारतीय LPG टैंकर 'नंदा देवी' और 'शिवालिक' ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। नौसेना की निगरानी में ये जहाज जल्द मुंबई या कांडला पहुंचेंगे।
The Cooking Gas Crisis Is Set to End! Two Massive Ships Carrying 46,000 Metric Tons of LPG Are Heading to India; They Will Reach Mumbai in 48 Hours.
भारत के LPG टैंकरों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पार किया, AI फोटो
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India LPG Tankers Cross Strait Of Hormuz: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने पूरी दुनिया में ईंधन और ऊर्जा आपूर्ति का संकट पैदा कर दिया है। विशेष रूप से 'होर्मुज स्ट्रेट' के बंद होने की आशंका ने वैश्विक शिपिंग को प्रभावित किया है। इस भीषण तनाव के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाले दो महत्वपूर्ण एलपीजी (LPG) टैंकर 'नंदा देवी' और 'शिवालिक' ने सफलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है।

सफल कूटनीति और नौसेना का पहरा

शुक्रवार रात को भारतीय एलपीजी करिअर 'नंदा देवी' इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार कर खुले समुद्र में पहुंच गया। इस जहाज पर 46,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लदी हुई है, जो भारत की घरेलू जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पहले 'शिवालिक' एलपीजी टैंकर भी सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर चुका है। इन जहाजों का सुरक्षित निकलना भारत की सफल कूटनीति का परिणाम माना जा रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भारत से बातचीत के बाद स्पष्ट किया था कि भारतीय जहाजों को नहीं रोका जाएगा। वर्तमान में, भारतीय नौसेना इन जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रख रही है ताकि ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित तरीके से भारत पहुंच सके।

कब तक पहुंचेगी गैस की खेप?

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना के मार्गदर्शन में ये जहाज अब तेजी से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। अगले दो दिनों (48 घंटे) के भीतर इनके मुंबई या कांडला बंदरगाह पर पहुंचने की पूरी संभावना है। इस खेप के पहुंचने से देश में संभावित गैस संकट के टलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी निर्भर है और सप्लाई चेन में मामूली रुकावट भी देश में बड़े संकट का कारण बन सकती है जैसा कि हाल ही में भोपाल जैसे शहरों में रसोई गैस की कमी के रूप में देखा गया था।

कांडला पोर्ट बना 'संकटमोचन'

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण गुजरात का कांडला बंदरगाह एक प्रमुख समुद्री केंद्र बनकर उभरा है। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे को देखते हुए लगभग 22 जहाज कांडला की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत अपने अन्य 28 जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ लगातार कूटनीतिक बातचीत कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दो जहाजों का सुरक्षित आना इस बात का संकेत है कि भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए एक प्रभावी व्यवस्था तैयार कर ली है।

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