वेनेजुएला को मार्को रुबियो ने दी चेतावनी, कहा- ‘लक्ष्यों से भटके तो होगा सैन्य एक्शन’; फिर बढ़ी टेंशन
US Venezuela Conflict: मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि यदि वेनेजुएला का अंतरिम नेतृत्व अमेरिकी अपेक्षाओं और उद्देश्यों से हटता है तो ट्रंप प्रशासन नई सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
- Written By: अमन उपाध्याय
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Marco Rubio Venezuela Warning: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष दी गई अपनी गवाही में वेनेजुएला के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हालांकि अमेरिका वेनेजुएला के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है, लेकिन यदि ‘अन्य तरीके विफल होते हैं,’ तो अमेरिका ‘अधिकतम सहयोग सुनिश्चित करने के लिए बल प्रयोग’ करने के लिए तैयार है। रुबियो ने जोर देकर कहा कि वे अमेरिकी लोगों के प्रति अपने कर्तव्य और इस गोलार्ध में अपने मिशन से कभी पीछे नहीं हटेंगे।
मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिकी रणनीति
यह चेतावनी इस महीने की शुरुआत में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की नाटकीय गिरफ्तारी के बाद आई है। मादुरो पर अमेरिका में मादक पदार्थों की तस्करी के गंभीर आरोप हैं और वे वर्तमान में अमेरिकी अदालत में हैं। रुबियो ने इस ऑपरेशन का बचाव करते हुए इसे “कानून प्रवर्तन की सहायता” बताया और स्पष्ट किया कि वेनेजुएला की जमीन पर कोई अमेरिकी सैनिक मौजूद नहीं है और न ही यह किसी देश पर कब्जा है।
अमेरिका की मुख्य मांगें और तेल पर नजर
ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला की अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व अब डेल्सी रोड्रिग्ज कर रही हैं उनके सामने अपने आर्थिक और राजनीतिक एजेंडे को साफ तौर पर रखा है। रुबियो के मुताबिक, इन प्रमुख लक्ष्यों में कई अहम बिंदु शामिल हैं, जिन पर खास जोर दिया गया है:
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- वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोलना।
- तेल उत्पादन तक तरजीही पहुंच प्रदान करना।
- तेल से होने वाली आय का उपयोग अमेरिकी सामान खरीदने के लिए करना।
- क्यूबा को दिए जाने वाले रियायती तेल निर्यात को समाप्त करना।
कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिग्ज ने कहा है कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ ‘सम्मानजनक और विनम्र’ संचार चैनल स्थापित कर चुकी है और वे एक कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं।
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घरेलू विरोध और मानवीय चिंताएं
अमेरिका के भीतर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस सैन्य सक्रियता और इसके खर्च पर सवाल उठा रहे हैं। सीनेटर जीन शाहीन ने तर्क दिया कि नौसैनिक घेराबंदी और मादुरो को पकड़ने के ऑपरेशन पर करोड़ों डॉलर खर्च करने के बावजूद, मादुरो के पूर्व सहयोगी अभी भी सत्ता में बने हुए हैं। इसके अलावा, सितंबर से अब तक समुद्र में संदिग्ध नौकाओं पर किए गए अमेरिकी हमलों में कम से कम 126 लोगों की मौत हो चुकी है जिससे सरकार को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
