ट्रंप का 'नो कॉम्प्रोमाइज' प्लान; ईरान को दी आखिरी चेतावनी, कहा- बातचीत की मेज पर आओ वरना तबाही तय

Trump Iran Warning: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि उसने तुरंत 'निष्पक्ष' परमाणु समझौता नहीं किया तो अगला अमेरिकी हमला पहले से कहीं ज्यादा भयावह होगा।
Trump's 'no compromise' plan; issues final warning to Iran, says come to the negotiating table or face destruction.
ट्रंप का ईरान के साथ 'नो कॉम्प्रोमाइज' प्लान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Iran News In Hindi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 28 जनवरी 2026 को ईरान को सीधी चेतावनी जारी की है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ट्रंप ने लिखा कि वे उम्मीद करते हैं कि ईरान जल्दी से बातचीत की मेज पर आएगा और एक निष्पक्ष व न्यायसंगत समझौता करेगा। इस डील की मुख्य शर्त 'कोई परमाणु हथियार नहीं' रखी गई है जिसे ट्रंप ने सभी पक्षों के लिए जरूरी बताया है।

जंगी बेड़े की रवानगी और हमले की धमकी

ट्रंप ने अपने संदेश में चेतावनी दी कि 'समय खत्म हो रहा है।' उन्होंने ईरान को याद दिलाया कि उनकी पिछली चेतावनी के बाद एक सैन्य हमला हुआ था और दावा किया कि अगला हमला कहीं ज्यादा बुरा होगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि एक और अमेरिकी जंगी बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने पहले भी कहा था कि जून के हमलों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम काफी हद तक खत्म हो गया था लेकिन हालिया चेतावनियों को ईरान में दिसंबर के अंत में हुए विरोध प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

ट्रंप की इस आक्रामक और तीखे तेवरों वाली पोस्ट के सामने आते ही वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उथल-पुथल मच गई। निवेशकों में अनिश्चितता और चिंता का माहौल बन गया जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों और कमोडिटी बाजारों पर देखने को मिला। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया और वे तुरंत ही सत्र के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और संभावित टकराव की आशंका को देखते हुए कई देशों ने हालात को संभालने के लिए पहल शुरू कर दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बिगड़ते रिश्तों को सुधारने और टकराव को टालने के उद्देश्य से अनेक देशों ने मध्यस्थता की पेशकश की है, ताकि दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित हो सके और क्षेत्र में शांति बनाए रखी जा सके।

ईरान का रुख और कूटनीतिक स्थिति

दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा है कि हाल के दिनों में उनका अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ है और न ही उन्होंने बातचीत के लिए कोई औपचारिक अनुरोध किया है। हालांकि, 'ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी' के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच अनौपचारिक आधार पर संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है।

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