Year Ender 2025: साल 2025 की वो सबसे बड़ी त्रासदियां जिनसे दहल गई पूरी दुनिया
Year Ender 2025 World: 2025 वैश्विक आपदाओं के लिए याद किया जाएगा। म्यांमार का 7.7 तीव्रता का भूकंप, कैलिफोर्निया की आग और अहमदाबाद विमान हादसे जैसी घटनाओं ने हजारों जानें लीं और लाखों को बेघर किया।
- Written By: प्रिया सिंह
2025 के सबसे बड़े हादसे (सोर्स-डिज़ाइन)
Deadliest Tragedies of 2025: साल 2025 इतिहास के पन्नों में प्राकृतिक और मानव-जनित आपदाओं के एक भयावह साल के रूप में दर्ज हो गया है। इस वर्ष धरती के कई कोनों में ऐसी विनाशकारी घटनाएं घटीं, जिन्होंने मानवता की नींव तक हिला दी। म्यांमार में आए प्रलयंकारी भूकंप से लेकर कैलिफोर्निया के जंगलों की बेकाबू आग तक, हर जगह सिर्फ बर्बादी और चीखें सुनाई दीं। आइए जानते हैं दुनिया के उन देशों और हादसों के बारे में जिन्होंने इस साल सबसे ज्यादा जान-माल का नुकसान पहुंचाया।
म्यांमार में महाप्रलय: 2025 का सबसे घातक भूकंप
साल की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा 28 मार्च 2025 को म्यांमार में आई जब 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया को हिला दिया। इस भूकंप का केंद्र मांडले और सागाइंग क्षेत्र के पास था। झटके इतने तेज थे कि इन्हें थाईलैंड, चीन और वियतनाम तक महसूस किया गया।
म्यांमार में इस त्रासदी ने करीब 5,300 से अधिक लोगों की जान ले ली और हजारों ऐतिहासिक इमारतों को खंडहर में तब्दील कर दिया। लोग मलबे के नीचे दब गए और कई हफ्तों तक बचाव कार्य चलता रहा। यह साल 2025 की सबसे घातक आपदा साबित हुई जिसने न केवल म्यांमार बल्कि पूरे विश्व को गहरे शोक में डाल दिया।
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कैलिफोर्निया की आग और अमेरिकी महाद्वीप में तबाही
जनवरी 2025 में अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के जंगलों में लगी भीषण आग ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया। पैलिसेड्स और ईटन जैसे इलाकों में लगी इस आग ने 500 से अधिक लोगों की जान ले ली और अरबों डॉलर की संपत्ति स्वाहा कर दी। यह अमेरिका के इतिहास की सबसे महंगी और घातक जंगल की आग में से एक बन गई।
इसके अलावा अक्टूबर 2025 में आए तूफान ‘मेलिसा’ ने कैरेबियाई देशों और जमैका में भारी तबाही मचाई। इस कैटेगरी-5 के तूफान ने हैती और क्यूबा जैसे पहले से ही संकटग्रस्त देशों में बाढ़ और तबाही का ऐसा मंजर दिखाया जिससे उबरने में इन देशों को सालों लग सकते हैं।
मानसून का कहर: भारत और पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़
दक्षिण एशिया के लिए साल 2025 मानसून की ऐसी त्रासदी लेकर आया जो दशकों में नहीं देखी गई। पाकिस्तान में मई से लेकर अगस्त तक चली भारी मानसूनी बारिश ने देश के आधे हिस्से को जलमग्न कर दिया, जिससे 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
वहीं भारत के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और असम जैसे राज्यों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने कहर बरपाया। भारत में जून से सितंबर के बीच बाढ़ और आकाशीय बिजली गिरने से लगभग 1,500 लोगों की जान गई। इन आपदाओं ने न केवल इंसानी जीवन छीना बल्कि करोड़ों हेक्टेयर फसल को भी नष्ट कर दिया जिससे खाद्य संकट की स्थिति पैदा हो गई।
हवाई हादसों का काला साल: अहमदाबाद विमान दुर्घटना
प्राकृतिक आपदाओं के अलावा साल 2025 हवाई सुरक्षा के लिए भी सबसे खराब साल रहा। 12 जून 2025 को भारत के अहमदाबाद में हुआ विमान हादसा इस साल की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी बना। अहमदाबाद से लंदन जा रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक इमारत से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
इस हादसे में विमान में सवार 240 यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई। इस विमान हादसे में सिर्फ एक व्यक्ति चमत्कारिक रूप से जीवित बच पाया। इस घटना ने दुनिया भर में हवाई सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
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अन्य वैश्विक त्रासदियां और सामाजिक संकट
अफगानिस्तान भी इस साल दो भीषण भूकंपों का केंद्र बना जिसमें बल्ख और कुनार प्रांतों में लगभग 2,000 लोगों की जान चली गई। वहीं अफ्रीका के नाइजीरिया और सूडान जैसे देशों में भीषण बाढ़ और बीमारियों के प्रकोप ने हजारों जिंदगियां निगल लीं। इथियोपिया में 12,000 साल बाद हुआ एक ज्वालामुखी विस्फोट पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा।
भारत में धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान हुई भगदड़ की घटनाओं में भी 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। कुल मिलाकर 2025 एक ऐसा साल रहा जिसने जलवायु परिवर्तन और बुनियादी ढांचे की कमजोरी को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया।
