इथियोपिया का डैलोल धरती पर मौजूद नरक का द्वार, पानी तेजाब और हवा जहर है (सोर्स-सोशल मीडिया)
Earth’s Most Dangerous Place: डैलोल इथियोपिया का एक ऐसा रहस्यमयी इलाका है जिसे वैज्ञानिकों ने धरती पर ‘नरक का द्वार’ और ‘एसिड सिटी’ की संज्ञा दी है। यहां की परिस्थितियां इतनी घातक हैं कि पानी बैटरी के तेजाब से भी अधिक खतरनाक हो चुका है और हवा में ऑक्सीजन के साथ जहरीली गैसों का मिश्रण है। रिसर्चर्स के अनुसार यह स्थान हुबहू मंगल ग्रह जैसा दिखता है जहां जीवन का नामोनिशान मिलना लगभग असंभव प्रतीत होता है। प्रकृति का यह अद्भुत लेकिन डरावना रूप हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि जीवन की सीमाएं आखिर कहां समाप्त होती हैं।
डैलोल समुद्र तल से करीब 130 मीटर नीचे स्थित है जहां जमीन के नीचे मौजूद लावा की प्रचंड गर्मी ऊपर स्थित नमक के भंडारों से टकराती है। इस रासायनिक प्रक्रिया के कारण यहां के पानी का पीएच (pH) लेवल शून्य से भी नीचे गिर जाता है जो किसी भी जीव के लिए जानलेवा है। यहां पीले रंग के लिए सल्फर, लाल रंग के लिए आयरन और हरे रंग के लिए तांबे के लवण जिम्मेदार माने जाते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस स्थान की भौगोलिक और रासायनिक परिस्थितियां काफी हद तक हमारे पड़ोसी मंगल ग्रह के वातावरण से मेल खाती हैं। यहां का औसत तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता है और हाल ही में यहां नई ‘साल्ट चिमनी’ का निर्माण भी देखा गया है। यह गतिविधियां दर्शाती हैं कि जमीन के नीचे मैग्मा की हलचल लगातार बढ़ रही है जो रिसर्चर्स के लिए एक बड़ा अजूबा है।
इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती अत्यधिक गर्मी नहीं बल्कि वहां की हवा में मौजूद क्लोरीन और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों के अदृश्य बादल हैं। अगर हवा का रुख अचानक बदल जाए और कोई व्यक्ति बिना गैस-मास्क के वहां मौजूद हो तो उसके फेफड़े कुछ ही मिनटों में खराब हो सकते हैं। यहां तक कि ऊपर से उड़ने वाले पक्षी भी अक्सर इन गैसों की चपेट में आकर नीचे एसिड के तालाबों में गिर जाते हैं।
डैलोल तक पहुंचना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है क्योंकि वहां जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है और केवल ऊंटों या विशेष गाड़ियों का सहारा लेना पड़ता है। यहां रहने के लिए कोई आरामदायक होटल नहीं हैं और पर्यटकों को मिलिट्री सुरक्षा के बीच प्लास्टिक के टेंटों में ही रात गुजारनी पड़ती है। यहां की जमीन कांच की तरह इतनी पतली और कमजोर है कि एक गलत कदम आपको उबलते तेजाब के गड्ढे में गिरा सकता है।
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इतने खतरों के बावजूद वैज्ञानिक यहां लगातार रिसर्च कर रहे हैं क्योंकि उन्हें यहां कुछ ऐसे ‘नैनो-क्रिस्टल’ मिले हैं जो चिकित्सा विज्ञान में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं। रिसर्चर्स का कहना है कि अगर हमें कभी अंतरिक्ष में जीवन की खोज करनी हो तो डैलोल उसके लिए एक बेहतरीन प्रयोगशाला साबित हो सकता है। यह स्थान हमें सिखाता है कि कुदरत के पास आज भी ऐसे कई रहस्य हैं जो मानवीय समझ से पूरी तरह परे हैं।