नाइजीरिया में डाकुओं का तांडव, 30 लोगों की बेरहमी से हत्या (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nigeria Village Violence Reports: उत्तरी नाइजीरिया का नाइजर राज्य एक बार फिर भीषण हिंसा और डाकुओं के हमलों से दहल उठा है। शनिवार तड़के हुए इस सशस्त्र हमले ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मौत का सन्नाटा फैला दिया है। हमलावरों ने न केवल निर्दोष नागरिकों की जान ली, बल्कि उनकी संपत्ति और आजीविका के साधनों को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया है। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बल अब स्थिति को नियंत्रित करने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
नाइजर राज्य के बोर्गु स्थानीय सरकारी क्षेत्र में शनिवार को तड़के ही सशस्त्र डाकुओं ने अचानक हमला कर दिया। चश्मदीदों के अनुसार मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए इन हमलावरों ने रुक-रुक कर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में कम से कम 30 निर्दोष लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
डाकुओं ने कोंकोसो और तुंगा-मेकेरी सहित कुल तीन गांवों को अपना निशाना बनाया और वहां जमकर उत्पात मचाया। हमलावरों ने गांवों में लूटपाट करने के बाद कई घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। आगजनी की इस घटना में स्थानीय लोगों की संपत्ति और अनाज के गोदाम पूरी तरह जलकर राख हो गए हैं।
नाइजर राज्य के पुलिस प्रवक्ता वासिउ अबियोदुन ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए सुरक्षा स्थिति को गंभीर बताया है। उन्होंने बताया कि तुंगा-मेकेरी गांव में हुए हमले में छह लोगों की जान गई है और कुछ घरों को जलाया गया है। पुलिस के अनुसार हमलावरों ने अज्ञात संख्या में लोगों का अपहरण भी किया है जिनकी तलाश जारी है।
उत्तरी नाइजीरिया में सक्रिय ये डाकू समूह पहले भी कई घातक हमलों और फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। वे अक्सर समुदायों को विस्थापित करने और संसाधनों पर कब्जा करने के लिए गांवों में हिंसा का सहारा लेते हैं। बेनिन गणराज्य की सीमा के पास स्थित इन गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।
हमले से बचकर निकले जेरेमिया टिमोथी जैसे ग्रामीणों ने बताया कि हमले के समय वे अपनी जान बचाकर पास के सुरक्षित गांवों में छिप गए। लोग अब अपने घरों को लौटने से डर रहे हैं क्योंकि उन्हें दोबारा हमले और अपहरण की आशंका सता रही है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का आश्वासन दिया है ताकि शांति बहाल हो सके।
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नाइजीरिया में लगातार बढ़ती जा रही ‘डाकुओं’ की ये हिंसा अब एक अंतरराष्ट्रीय चिंता और मानवीय संकट का रूप लेती जा रही है। निर्दोष नागरिकों की हत्या और बड़े पैमाने पर विस्थापन ने नाइजीरियाई सरकार की सुरक्षा नीतियों पर दबाव बढ़ा दिया है। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर इन समुदायों को अब तत्काल सरकारी मदद और सुरक्षा की सबसे अधिक आवश्यकता है।