लेबनान में भीषण कोहराम, इजरायली हमलों में अब तक 570 की मौत; पिछले 24 घंटे में बिछीं 84 लाशें
Israel Lebanon War: दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी भीषण युद्ध में मरने वालों का आंकड़ा 570 तक पहुंच गया है। चिकित्सा कर्मियों को निशाना बनाए जाने से मानवीय संकट और गहरा गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
लेबनान में इजरायल के हमले में तबाह हुआ एक अपार्टमेंट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Middle East War: दक्षिणी लेबनान इस समय विनाश और मानवीय त्रासदी का गवाह बन रहा है। इजरायल द्वारा हिज्बुल्लाह के खिलाफ शुरू किए गए व्यापक सैन्य अभियान में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हुई इस हिंसा में बुधवार तक 570 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज 24 घंटों में ही हवाई हमलों में 84 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
चिकित्सा कर्मियों और एम्बुलेंस पर हमले
इस युद्ध का सबसे काला पक्ष राहत और बचाव कार्यों में लगे कर्मियों को निशाना बनाया जाना है। हाल ही में लेबनानी रेड क्रॉस के एक पैरामेडिक, यूसुफ अस्साफ, की मौत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। दक्षिणी लेबनान के मजदल जौन शहर में एक बचाव अभियान के दौरान उनकी एम्बुलेंस को निशाना बनाया गया था।
यह हमला दो दिन पहले हुआ था और बुधवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। गौरतलब है कि पिछले एक साल में लेबनान में संघर्ष के दौरान 100 से अधिक चिकित्सा कर्मचारी मारे जा चुके हैं।
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युद्ध की पृष्ठभूमि और विस्थापन
यह संघर्ष तब और तेज हो गया जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद हिज्बुल्लाह ने इजरायल से बदला लेने की शपथ ली और रॉकेटों की बारिश शुरू कर दी। इसके जवाब में इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने आक्रामक कार्रवाई की है। सैन्य अभियान शुरू करने से पहले ही इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के 53 गांवों को खाली करने का आदेश दिया था जिसके कारण हजारों लोग अपने घरों को छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं।
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बढ़ता स्वास्थ्य संकट
अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 1,444 लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। चिकित्सा सुविधाओं और एम्बुलेंस सेवाओं पर बढ़ते हमलों के कारण राहत कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लेबनानी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इजरायल पर दबाव बनाएं ताकि चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और निर्दोष नागरिकों की जान बचाई जा सके। फिलहाल दक्षिणी लेबनान में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और युद्ध के रुकने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
